पंडोरा पेपर्स लीक: खुद को कंगाल बताने वाले अनिल अंबानी की विदेशों में हैं 18 कंपनियां

कंगाल होने का दावा करने वाले अनिल अंबानी क्या वाकई में कंगाल हैं? इसे लेकर अब सवाल उठने लगे हैं क्योंकि रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनके प्रतिनिधियों के पास जर्सी, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स और साइप्रस जैसी जगहों पर कम से कम 18 विदेशी कंपनियां होने की बात सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यह खुलासा पंडोरा पेपर्स की जांच में हुआ है।
‘पनामा पेपर्स’ के बाद अब गुप्त वित्तीय लेन-देन और कारोबार पर ‘पंडोरा पेपर्स’ के नाम से बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा किया है ‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ (ICIJ) ने। ICIJ में यूके के बीबीसी और ‘द गार्जियन’ और भारत का ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार शामिल था। ICIJ ने अपनी जांच में 150 मीडिया आउटलेट्स के बीच दावा किया है कि उसे 1.19 करोड़ से अधिक गोपनीय डेटा प्राप्त हुआ है, जिसमें कई सुपर अमीरों के गुप्त वित्तीय लेन-देन का पता लगा है।
भारत समेत 91 देशों की कई बड़ी हस्तियों के वित्तीय राज हुए उजागर
ICIJ ने अपनी एक साल की खोजी पत्रकारिता और दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के बाद दुनिया भर की दिग्गज हस्तियों के गुप्त कारोबार के बारे में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। लीक हुए करोड़ों दस्तावेज में भारत समेत 91 देशों के वर्तमान एवं पूर्व नेताओं, अफसरों और मशहूर हस्तियों के वित्तीय रहस्यों को उजागर करने का दावा किया गया है। आईसीआईजे की इस रिपोर्ट में भारत की जिन हस्तियों के नामों के खुलासे हुए हैं, उनमें सचिन तेंदुलकर, अनिल अंबानी, नीरव मोदी की बहन आदि शामिल हैं।
अनिल अंबानी के सीक्रेट
रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2020 में लंदन की एक अदालत को अनिल अंबानी ने बताया था कि उनकी कुल आय शून्य है। चीन की तीन सरकारी बैंकों द्वारा किए गए मुकद्दमे की सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी की विदेशी संपत्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। जब अदालत ने अनिल अंबानी को बैंकों को 71.6 करोड़ डॉलर की रकम का भुगतान करने और विदेशों में संपत्ति को उजागर करने को कहा तो अनिल अंबानी की ओर से कहा गया था कि उनके पास विदेशों में न तो कोई संपत्ति है और न ही कहीं से कोई फायदा हो रहा है लेकिन अब पंडोरा पेपर्स की जांच में यह खुलासा हुआ है कि रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के पास और उनके प्रतिनिधियों के पास जर्सी, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स और साइप्रस जैसी जगहों पर कम से कम 18 विदेशी कंपनियां हैं।
​ये हैं अनिल अंबानी की विदेश में कंपनियां
बैटिस्ट अनलिमिटेड, रेडियम अनलिमिटेड
ह्यूई इनवेस्टमेंट अनलिमिटेड
समरहिल लिमिटेड
डलविच लिमिटेड
लॉरेंस म्यूचुअल (पूर्व नाम डायवर्टिमेंटो लिमिटेड)
रिचर्ड इक्विटी लिमिटेड
जर्मन इक्विटी लिमिटेड
ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स
रिइंडीर होल्डिंग्स लिमिटेड
नॉर्दर्न अटलांटिक कंसल्टेंसी सर्विसेज ग्रुप अनलिमिटेड
नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड
ट्रान्स पैसिफिक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
ट्रान्स अटलांटिक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
ट्रान्स अमेरिकास होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
ट्रान्स अमेरिकास होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
साइप्रस
एएए एंटरप्राइजेज एंड वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड
एएए टेलिकॉम होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
एएए इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
​2007 से 2010 के बीच आईं अस्तित्व में
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों की स्थापना 2007 से 2010 के बीच हुई थी। इनमें से सात कंपनियों में निवेश और ऋण का आंकड़ा कम से कम 1.3 अरब डॉलर का है। जर्सी में अनिल अंबानी के नाम पर तीन कंपनियां– बैटिस्ट अनलिमिटेड, रेडियम अनलिमिटेड और ह्यूई इनवेस्टमेंट अनलिमिटेड हैं दिसंबर 2007 और जनवरी 2008 में अस्तित्व में आईं। बैटिस्ट अनलिमिटेड का मालिकाना हक रिलायंस इनोवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है, जो अनिल अंबानी के एडीए ग्रुप से जुड़ी है। ह्यूई इनवेस्टमेंट अनलिमिटेड की ओनर कंपनी एएए एंटरप्राइस लिमिटेड है, जिसकी प्रमोटर कंपनी रिलायंस कैपिटल है।
जनवरी 2008 में जर्सी में ही दो और कंपनियां समरहिल लिमिटेड और डलविच लिमिटेड बनीं। इनके मालिक का नाम अनूप दलाल है, जो कि अनिल अंबानी के प्रतिनिधि हैं। इनके नाम पर एक और बीवीआई कंपनी रींडियर होल्डिंग्स लिमिटेड है। इसके अलावा लॉरेंस म्यूचुअल, रिचर्ड इक्विटी लिमिटेड और जर्मन इक्विटी लिमिटेड नाम की तीन कंपनियां भी जर्सी में ही हैं और जेनेवा का एक वकील इनका मालिक है।
​अनूप दलाल का काम
खुलासा हुआ है कि अनिल अंबानी की ओर से अनूप दलाल की भूमिका, निवेश फैसिलिटेट करने के लिए विदेश में कंपनियां स्थापित करने को लेकर एक कंसल्टेंट और एडवाइजर की थी। अनूप दलाल ने नौ कंपनियों को अनिल अंबानी की रिलांयस की ओर से स्थापित किया था, जिन्हें बाद में ट्रान्सफर कर दिया गया। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बैटिस्ट अनलिमिटेड और रेडियम अनलिमिटेड के रिकॉर्ड्स से सामने आया है कि इन कंपनियों ने 50 करोड़ डॉलर और 22 करोड़ डॉलर का कर्ज आईसीआईसीआई से लिया था। उद्देश्य था अनिल अंबानी से जुड़ी मुंबई की एक रियल एस्टेट कंपनी एएए कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के लिए सीसीपीएस (कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स) लेना।
-एजेंसियां

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