मूल रूप से कश्‍मीरी पंडित थे मशहूर शायर अल्‍लामा इक़बाल

9 नवम्बर 1877 को अविभाजित भारत के सियालकोट (पंजाब) में जन्‍मे और बाद में पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रकवि कहलाने वाले प्रसिद्ध उर्दू कवि अल्लामा इक़बाल मूल रूप से कश्‍मीरी पंडित (हिंदू) थे। उनके दादा का नाम कन्‍हैया लाला सप्रू और पिता का नाम रतनलाल सप्रू था। रतनलाल सप्रू ने बाद में इस्‍लाम ग्रहण करके मुस्‍लिम महिला इमाम बीबी से निकाह कर लिया लेकिन अल्लामा इक़बाल खुद के कश्‍मीरी ब्राह्मण होने पर गर्व करते थे।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को इमाम ए हिन्द बताने वाले अल्‍लामा इक़बाल का जन्‍म भी 09 नवंबर को ही हुआ था।
उल्‍लेखनीय है कि अयोध्‍या पर भगवान राम का मंदिर बनने का रास्‍ता कल ही सुप्रीम कोर्ट से साफ हुआ है।
अल्‍लामा इक़बाल ने लिखा था-
लबरेज़ है शराबे हक़ीक़त से जामे हिन्द
सब फ़लसफ़ी हैं खि़त्ता ए मग़रिब के राम ए हिन्द
यह हिन्दियों के फ़िक्र ए फ़लक रस का है असर
रिफ़अ़त में आसमां से भी ऊंचा है बामे हिन्द
इस देस में हुए हैं हज़ारों मलक सरिश्त
मशहूर जिनके दम से है दुनिया में नाम ए हिन्द
है राम के वुजूद पे हिन्दोस्तां को नाज़
अहले नज़र समझते हैं उसको इमाम ए हिन्द
ऐजाज़ उस चराग़ ए हिदायत का है यही
रौशनतर अज़ सहर है ज़माने में शाम ए हिन्द
तलवार का धनी था शुजाअत में फ़र्द था
पाकीज़गी में जोश ए मुहब्बत में फ़र्द था
अल्लामा इक़बाल द्वारा श्री रामचन्द्र जी को ‘इमाम ए हिन्द’ कहा जाना यह सिद्ध करता है कि अल्लामा खुद भी ‘अहले नज़र‘ थे।
श्री रामचन्द्र जी के वुजूद पर हिन्दुस्तानियों को नाज़ है।
-एजेंसियां

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