पाकिस्‍तान के हिंदू और ईसाई खतरे में, कराया जाता है धर्मान्‍तरण: US/UN

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पूरी दुनिया में भारत के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं वहीं सऊदी अरब, ईरान और चीन के साथ पाकिस्‍तान को अमेरिका ने वैसे देशों के तौर पर उल्‍लेख किया है जो धार्मिक आजादी का उल्‍लंघन करते हैं।
अमेरिका ने पिछले हफ्ते 18 दिसंबर को पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले देशों की श्रेणी में रखने का ऐलान किया था। हालांकि प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस पर ऐतराज जताया है। इसके अलावा इस सूची में भारत को न रखने पर अमेरिका को पाकिस्‍तान ने पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया है।
पाकिस्तान के साथ म्यांमार, चीन, इरीट्रिया, ईरान, उत्तर कोरिया, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को भी कंट्रीज ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न श्रेणी में रखा गया है। उल्‍लेखनीय है कि अमेरिकी विदेश विभाग हर साल अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कानून 1998 के तहत अपनी CPC लिस्ट तैयार करता है। इसमें उन देशों को रखा जाता है, जहां धार्मिक आधार पर स्वतंत्रता का उल्लंघन होता है। इस श्रेणी में रखे गए देशों पर अमेरिका की ओर से आर्थिक-वाणिज्यिक बैन लगाया जाता है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाह फैसल ने कहा कि अमेरिका द्वारा इसके जरिए चुनिंदा देशों को निशाना बनाया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र का भी कहना है कि पाकिस्‍तान में धार्मिक आजादी का हनन होता है। वहां के अल्‍पसंख्‍यक हिंदू और ईसाई समुदाय सबसे अधिक खतरे में हैं। दोनों समुदायों की महिलाओं और बच्चियों का अपहरण कर धर्म बदलवाया जाता है।
-एजेंसियां

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