निरंकारी डेरे पर हुए हमले में पाकिस्तानी ग्रेनेड का इस्‍तेमाल हुआ

अमृतसर। अमृतसर के राजासांसी इलाके के निरंकारी डेरे पर रविवार को हुए ग्रेनेड अटैक की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों के हाथ अहम सुराग लगे हैं। जांच में पाया गया है कि इस हमले में जिस ग्रेनेड का नकाबपोश हमलावरों ने इस्तेमाल किया था, वह HE-36 सीरीज का है। इस तरह के ग्रेनेड पाकिस्तानी फौज इस्तेमाल करती है। यह एक हैंड ग्रेनेड है जो फेंके जाने के बाद धुआं छोड़ता है और इसके बाद जोरदार धमाका होता है। उधर, इस आतंकी हमले को लेकर गृह मंत्रालय में एक अहम बैठक हो रही है। इसमें रॉ और आईबी सहित गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
बता दें कि इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हैं। सूत्रों के मुताबिक हमले के पीछे किसी नए आतंकी संगठन का हाथ हो सकता है। उधर, जांच एजेंसियों के इस अहम सुराग के बाद अब इसकी कड़ी पाकिस्तान से भी जुड़ती दिख रही है।
उधर, इस मामले में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बॉर्डर पर नया हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। NIA की 3 सदस्यीय टीम घटना स्थल पर जांच के लिए पहुंची है। वहीं पंजाब सरकार ने हमलावरों के सुराग देने वालों को सरकार 50 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे हमलावर
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमले को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकल की पहचान भी कर ली गई है। फुटेज में हमलावर भी दिख रहे हैं जिनमें से एक ने चेहरे पर नकाब पहना है। बताया गया है कि पुलिस ने स्केच जारी कर दिए हैं। कई जिलों की पुलिस को अमृतसर में तलाशी के लिए भेजा गया है। साथ ही, आसपास के गांवों में भी बाइक और हमलावरों को तलाशा जा रहा है।
अलकायदा कमांडर मूसा की एंट्री का मिला था इनपुट
कुछ दिन पहले ही पंजाब में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के दाखिल होने की और अल-कायदा कमांडर जाकिर मूसा की गतिविधियों का भी इनपुट मिला था। मूसा को अमृतसर में देखे जाने के बाद पंजाब पुलिस ने उसके पोस्टर भी जारी किए थे। नवंबर की शुरुआत में आई इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने कश्मीर घाटी में जाकिर औरर हिज्बुल के मिलकर हमला करने की योजना से संबंधित इनपुट दिया था। हिज्बुल के आतंकी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में देखे गए थे।
-एजेंसियां

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