पाकिस्तान: ननकाना साहिब मामले में एक शख़्स गिरफ़्तार

पाकिस्तान पुलिस ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे में शुक्रवार शाम को उग्र नारे लगाने वाले शख़्स इमरान चिश्ती को गिरफ़्तार कर लिया है.
इमरान चिश्ती के पिता ज़ुल्फ़िकार अली ने इस्लामाबाद में बताया कि पुलिस ने रविवार रात उनके बेटे को गिरफ़्तार कर लिया.
शुक्रवार शाम को ननकाना साहिब में एक उग्र भीड़ ने गुरुद्वारे के बाहर नारे लगाए थे और गुरुद्वारे पर पथराव व हमला भी किया था, जिसके बाद भारत सरकार ने सख़्त नाराज़गी जताते हुए पाकिस्तान से अपने देश में सिख समुदाय को सुरक्षा देने की माँग की थी.
उस दिन भीड़ में इमरान चिश्ती ने सिख समुदाय को धमकाने के अंदाज़ में जो बातें कही थीं उसका वीडियो वायरल हो गया था और तब से ही पाकिस्तान सरकार से पूछा जा रहा था कि उसने इस सिलसिले में क्या कार्यवाही की.
इमरान चिश्ती, मुहम्मद एहसान नाम के व्यक्ति का भाई है जिसके ऊपर गुरुद्वारे के एक पंथी की बेटी जगजीत कौर को अग़वा करने का आरोप लगा था.
सिख लड़की को अग़वा करने का मामला
ननकाना साहिब में 3 जनवरी की शाम को जो घटना हुई उसके तार पिछले साल की एक घटना से जुड़े बताए जा रहे हैं.
दरअसल, बीते साल सितंबर में ननकाना साहिब के एक सिख परिवार ने छह लोगों पर उनकी 19 साल की लड़की जगजीत कौर को अग़वा करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराकर एक मुसलमान लड़के से शादी करवाने का आरोप लगाया था.
बाद में लड़की का वकील होने का दावा करने वाले एक व्‍यक्‍ति ने पुलिस को बताया कि लड़की ने लाहौर की एक अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने दफ़ा 164 के तहत बयान दर्ज करवाया था कि ‘उसने बिना किसी दबाव के, अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ इस्लाम क़बूल करने के बाद मुहम्मद एहसान नाम के लड़के से शादी की है.’
इसके बाद जगजीत कौर की ओर से अदालत में एक बयान भी पेश किया गया जिसमें उन्होंने अपने घर के लोगों पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.
इस सारे मामले से सिख समुदाय उत्तेजित था और उसने सरकार से हस्तक्षेप की माँग की.
सिख समुदाय की माँग के बाद पंजाब के गवर्नर मुहम्मद सरवर ने बीच-बचाव किया और ट्वीट कर जानकारी दी कि इस मसले को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है.
उन्होंने तब लिखा था, “लड़की अपने परिवार के साथ सुरक्षित है. हम पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के अधिकारों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करते रहेंगे.”
हालाँकि लड़की अब तक एक शेल्टर होम में रह रही है.
गुरुद्वारे पर हमला
3 जनवरी शुक्रवार शाम को ननकाना साहिब में उग्र भीड़ ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब के बाहर तक़रीबन चार घंटे तक प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन के समय गुरुद्वारे में मौजूद पंजाबी सिख संगत के चेयरमैन गोपाल सिंह चावला ने बताया कि एक उग्र भीड़ ने गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाया.
गोपाल सिंह के मुताबिक़ उस वक़्त गुरुद्वारे के अंदर तक़रीबन 20 लोग मौजूद थे जिनमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे.
गोपाल चावला ने बताया कि ज़िला ननकाना साहिब की पुलिस ने उनमें से दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया जिसके बाद लड़की को अग़वा करने वाले मुहम्मद एहसान के परिवार ने पहले शहर के एक चौक पर प्रदर्शन किया और बाद में गुरुद्वारे का रुख़ किया.
बाद में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने गिरफ़्तार लोगों को रिहा कर दिया, जिसके बाद प्रदर्शनों का सिलसिला ख़त्म हो गया.
गोपाल चावला ने ये भी कहा, हमारी यह मांग है कि गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाने वाले लोगों पर धार्मिक अपमान का मुक़दमा दर्ज किया जाए.”
-BBC

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