पाकिस्तान को एकबार फिर झटका लगना तय, FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा

इस्लामाबाद। दुनियाभर में आतंक के को बढ़ाने वाले पाकिस्तान को एकबार फिर झटका लगना तय माना जा रहा है।
सूत्रों ने जानकारी दी कि पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा क्योंकि वो आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन को रोकने एवं निगरानी करने वाली पेरिस से संचालित इस संस्था की कार्य योजना के 27 लक्ष्यों में से छह का अनुपालन करने में असफल रहा है। आपको बता दें कि 21 से 23 अक्टूबर के बीच FATF की डिजिटल माध्यम से वार्षिक बैठक हुई, जिसमें 27 बिंदुओं की कार्य योजना की समीक्षा की गई।
FATF ने पाकिस्तान को जून 2018 में ‘ग्रे’ सूची में डाला था और इस्लामाबाद को धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की 27 बिंदुओं की कार्य योजना को वर्ष 2019 के अंत तक लागू करने को कहा था। कोविड महामारी की वजह से इस मियाद में वृद्धि कर दी गई थी।
गौरतलब है कि कर्ज से दबे पाकिस्तान ने एफएटीएफ की ग्रे सूची से निकलने की कोशिश के तहत अगस्त महीने में 88 प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं पर वित्तीय पाबंदी लगाई थी। इनमें मुंबई हमले का सरगना और जमात-उद दावा प्रमुख हाफिज सईद, जैश-ए-मुहम्मद प्रमुख मसूद अजहर और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम भी शामिल है।
अगर पाकिस्तान ग्रे सूची में बना रहता है तो उसके लिए विश्व मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और यूरोपीय संघ जैसे अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से वित्तीय मदद हासिल करना और मुश्किल हो जाएगा। इससे पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे देश की मुश्किलें और बढ़ेंगी। पाकिस्तान ने एफएटीएफ की ग्रे सूची से निकलने की कोशिश के तहत करीब 15 कानूनों में संशोधन को मंजूरी दी है।
-एजेंसियां

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