ब्रिक्स में किरकिरी से परेशान पाकिस्‍तान ने तय किया अपने विदेश मंत्री का चीन दौरा

ब्रिक्स देशों के घोषणापत्र में पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का जिक्र होने की वजह से हो रही किरकिरी के बीच पाक विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ चीन जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक उनके दौरे में ब्रिक्स घोषणापत्र ही मुद्दा रहेगा। बता दें कि ब्रिक्स देशों ने घोषणापत्र में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर, जैश आदि का जिक्र करते हुए इनकी हिंसक गतिविधियों की कड़ी निंदा की थी। इसके बाद ब्रिक्स सदस्य चीन के लिए भी असहज स्थिति बन गई थी क्योंकि वह यूएन में जैश चीफ मसूद अजहर पर बैन में अड़ंगा लगाते रहा है।
चीन का विदेश मंत्रालय ख्वाजा के दौरे को रूटीन बता रहा है। मंत्रालय ने बताया कि चीन के विदेश मंत्री के न्योते पर आसिफ चीन पहुंच रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक चीन यह जानना चाहता है कि ब्रिक्स घोषणापत्र के मद्देनजर पाकिस्तान इन आतंकी संगठनों के खिलाफ क्या कार्यवाही कर सकता है?
हालांकि, चीन यह भी चाहता है कि इससे 50 बिलियन डॉलर लागत वाले चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर से जुड़े हितों को कोई नुकसान न पहुंचे।
आतंकवाद के मुद्दे पर चीन खुद भी अपने नजदीकी पाक से संतुष्ट नहीं है। इसकी एक वजह यह है कि पाकिस्तान ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) की टॉप लीडरशिप को कुचलने में नाकाम रहा है। यह पाकिस्तान से सटे चीन के पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में आतंकवाद का मुख्य कारण रहा है। ब्रिक्स डिक्लेरेशन में ETIM का भी अन्य आतंकी संगठनों के साथ जिक्र है। प्रतिष्ठित संस्था सेंटर फॉर स्ट्रैटिजिक ऐंड रीजनल स्टडीज के रिसर्चर अहमद बिलाल ने बताया कि ‘पाकिस्तान में कई ETIM नेता हैं। ये सभी चीन के हैं लेकिन पाकिस्तान के कबायली इलाकों में छिपे हुए हैं।’
-एजेंसी