एंटी टेरेरिज्म एक्ट में बदलाव करने को मजबूर हुआ पाकिस्‍तान: UNSC से बैन आतंकी संगठनों के एकांउट होंगे बंद

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने अपने एंटी टेरेरिज्म एक्ट में अहम बदलाव किया। प्रेसिडेंट ममनून हुसैन ने इसे मंजूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक दुनिया के कई देशों खासकर अमेरिका और भारत के दबाव के चलते पाकिस्तान सरकार को इस बदलाव के लिए मजबूर होना पड़ा है। बदलाव के तहत अब पाकिस्तान सरकार को उन आतंकी संगठनों या इनसे जुड़े लोगों के ऑफिस और अकाउंट बंद करने होंगे जिन्हें यूनाईडेट नेशंस सिक्युरिटी काउंसिल (UNSC) बैन कर चुकी है। अभी तक पाकिस्तान इन संगठनों पर अपनी मर्जी के हिसाब से दिखावे की कार्यवाही करता था।
बदलाव का क्या असर होगा?
न्यूज़ एजेंसी ने पाकिस्तान के अखबार ‘द ट्रिब्यून’ के हवाले से आतंकवाद के खिलाफ कानून में अहम बदलाव की जानकारी दी है। पाक प्रेसिडेंट इसे मंजूरी दे चुके हैं।
पाकिस्तान ये दलील देता आया है कि उसके पास आतंकवाद के खिलाफ सख्त कानून हैं लेकिन उनके खिलाफ कार्यवाही वो अपनी मर्जी के हिसाब से ही करता था।
अब जो बदलाव हुआ है उसके मुताबिक पाकिस्तान अपनी मर्जी के हिसाब से नहीं बल्कि यूएनएससी की बैन लिस्ट के मुताबिक कार्यवाही करेगा। इसके मायने ये हुए कि यूएन सिक्युरिटी काउंसिल इस बात की जांच कर सकेगी कि जिन आतंकी संगठनों या इनसे जुड़े लोगों पर उसने बैन लगाया है, उनके खिलाफ क्या कार्यवाही हुई।
इसके तहत आतंकी संगठनों के ऑफिस बंद किए जा सकेंगे और उनके बैंक एकाउंट फ्रीज किए जा सकेंगे।
तीन मिनिस्ट्रीज मिलकर काम करेंगी
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की नेशनल काउंटर टेरेरिज्म अथॉरिटी ने कानून में बदलाव की पुष्टि की है। अब वहां की होम, फाइनेंस और फॉरेन अफेयर्स मिनिस्ट्रीज काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेरेरिज्म पर मिलकर काम करेंगी।
एक खास बात और है। दरअसल, पाकिस्तान प्रेसिडेंट के ऑफिस ने कानून में बदलाव की मंजूरी पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। एक अफसर ने कहा, इस बारे में डिफेंस मिनिस्ट्री ही कुछ कह सकती है।
क्यों मजबूर हुआ पाकिस्तान?
भारत और अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के दूसरे कई देश पाकिस्तान पर दबाव डाल रहे थे कि वो आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। अमेरिका ने तो पाकिस्तान को दी जाने वाली मिलिट्री एड भी रोक दी है।
पाकिस्तान से कहा गया है कि वो यूएन की फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की गाइडलाइन के मुताबिक आतंकियों पर कार्रवाई करे।
यही बॉडी दुनियाभर में टेरर फाइनेंस पर नजर रखती है।
किन आतंकी संगठनों पर असर होगा?
UNSC पाकिस्तान के कई आतंकी संगठनों पर बैन लगा चुकी है। इनमें अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, लश्कर-ए-झांगवी, जमात-उद-दावा, फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, लश्कर-ए-तैयबा और कुछ दूसरे संगठन शामिल हैं।
पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तान ने हाफिज सईद के जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को बैन करने के बाद उसके बैंक एकाउंट और ऑफिस बंद कर दिए गए थे। हालांकि, ये सिर्फ दिखावे के लिए था क्योंकि हाफिज दूसरे तरीकों से आतंकी हरकतों को अंजाम दे रहा है।
पाकिस्तान ने उन कंपनियों पर भी बैन लगाया था जो हाफिज के संगठनों को पैसा देती हैं।
-एजेंसी