पाकिस्तान ने असीमानंद को मिली जमानत पर चिंता जाहिर की

Pakistan expresses concern over the bail granted to Aseemanand
पाकिस्तान ने असीमानंद को मिली जमानत पर चिंता जाहिर की

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के वहां पर डेप्युटी कमिश्नर को तलब कर स्वामी असीमानंद को मिली जमानत पर चिंता जाहिर की है। स्वामी असीमानंद समझौता ब्लास्ट केस में आरोपी थे। असीमानंद सहित 7 को जयपुर की एक स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया था जबकि 3 अन्य को इस मामले में दोषी पाया गया था।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार रात बयान जारी करते हुए कहा कि भारत के हाई कमिश्नर जेपी सिंह को शुक्रवार को तब किया गया था। जेपी सिंह से अजमेर शरीफ ब्लास्ट केस में असीमानंद के बरी होने को लेकर चिंता जताई गई।
Indian Deputy High Commissioner JP Singh summoned by Pakistan foreign ministry on Aseemanand’s acquittal
—ANI (@ANI_news) March 11, 2017
बयान में कहा गया, ‘स्वामी असीमानंद ने सबके सामने यह माना था कि वह फरवरी 2017 में हुए समझौता एक्सप्रेस आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हैं। इसके साथ ही असीमानंद ने भारतीय आर्मी के सर्विंग ऑफिसर कर्नल पुरोहित के समझौता एक्सप्रेस हमले में शामिल होने की बात मानी थी। पुरोहित हिंदू संगठन अभिनव भारत के प्रमुख हैं।’
गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2007 को दरगाह परिसर में हुए बम विस्फोट में तीन जायरीन मारे गए थे और 15 जायरीन घायल हो गए थे। विस्फोट के बाद पुलिस को तलाशी के दौरान एक और लावारिस बैग मिला था जिसमें बम के साथ टाइमर लगा था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओेर से 149 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए, लेकिन अदालत में गवाही के दौरान 24 से अधिक गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे। बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए। इस मामले में 8 आरोपी 2010 से न्यायिक हिरासत में है। एक आरोपी रमेश गोविल को जमानत मिलने के बाद मौत हो गई थी, जबकि एक और आरोपी सुनील जोशी की दिसम्बर 2007 में मध्य प्रदेश में हत्या हो गई थी।
इस मामले में चार आरोपी रमेश वेंकटराव, संदीप डांगे, रामजी कलसांगरा और सुरेश नायर अभी भी फरार हैं। राज्य सरकार ने मई 2010 में इस मामले की जांच राजस्थान पुलिस की एटीएस शाखा को सौंपी थी। बाद में केंद्र ने इस मामले को एक अप्रैल 2011 को एनआईए को सौंप दिया था।
-एजेंसी

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