पाकिस्तान कश्मीर को नहीं संभाल सकता, उससे अपने लोग ही नहीं संभल रहे: शाहिद अफरीदी

नई दिल्ली। पाकिस्तान के धुरंधर ऑलराउंडर शाहिद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर को नहीं संभाल सकता। अफरीदी ने कश्मीर को अलग मुल्क बनाने की मांग की है। सोशल मीडिया पर उनकी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अफरीदी कह रहे हैं, ‘पाकिस्तान से पाकिस्तान के लोग ही नहीं संभल रहे हैं। वह पाकिस्तान को क्या संभालेगा।’ बता दें कि अफरीदी कश्मीर को लेकर पहले भी विवादित टिप्पणी कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘कश्मीर कोई इश्यू नहीं है। जो लोग वहां पर रहते हैं… मैं कहता हूं पाकिस्तान को नहीं चाहिए कश्मीर… भारत को भी मत दो कश्मीर। कश्मीर अलग मुल्क बने। कम से कम इंसानियत तो जिंदा रहे… इंसान जो मर रहे हैं वह तो नहीं हो यार।’
इस वीडियो में वह कह रहे हैं, ‘कश्मीर पाकिस्तान को भी नहीं चाहिए.. उससे तो यहां के लोग ही नहीं संभल रहे हैं। आप इंडिया को भी मत दो… पाकिस्तान को भी नहीं चाहिए। कश्मीर को अपने में रहने दो… अपना रहने दो उनको। इंसानियत बड़ी चीज है, जो लोग वहां पर मर रहे हैं.. चाहे वह किसी भी मजहब का हो… तकलीफ होती है इंसान के रूप में…’
आतंकवादियों के सपोर्ट में किया था ट्वीट
वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब शाहिद अफरीदी ने कश्मीर पर बयान दिया है। इसस पहले भी वह बयान देकर काफी विवाद झेल चुके हैं। उन्होंने इसी साल अप्रैल में ट्वीट किया था। जम्मू-कश्मीर में सेना के आतंकरोधी अभियान के तहत मारे गए 13 आतंकियों से शाहिद अफरीदी ने हमदर्दी जताते हुए लिखा था- जम्मू कश्मीर की स्थिति बेचैन करने वाली और चिंताजनक है। यहां आत्मनिर्णय और आजादी की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी शासन द्वारा निर्दोषों को मार दिया जाता है। हैरान हूं कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन कहां हैं? वे इस खूनी संघर्ष को रोकने के लिए कुछ क्यों नहीं कर रहे? इस पर भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर सहित तमाम नेता और सेलिब्रिटीज ने अफरीदी को निशाना बनाया था।
2017 में भी किया था ट्वीट
अफरीदी ने कश्मीर का 2017 में भी उठाया था। उन्होंने तब ऐसा ही ट्वीट किया था। तब अफरीदी ने लिखा था, ‘कश्मीर पिछले कई दशकों से क्रूरता का शिकार हो रहा है, अब वक्त आ गया है कि इस मुद्दे को सुलझा लिया जाए जिसने कई लोगों की जान ली।’ दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा था, ‘कश्मीर धरती पर स्वर्ग है और हम मासूमों की पुकार को अनदेखा नहीं कर सकते।’
-एजेंसियां

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