केडी हास्पीटल में पीएफओ तकनीक से Arthritis का दर्द दूर

मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में चिकित्सक डा. हर्षित जैन ने पीएफओ और पीआरपी जैसी तकनीक से Arthritis ग्रेड-2 का दर्द किया दूर
मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में चिकित्सक डा. हर्षित जैन पीएफओ और पीआरपी जैसी तकनीकों का उपयोग कर Arthritis ग्रेड-2 का दर्द दूर करने को लाखों रुपये के घुटना प्रत्यारोपण आपरेशन से मिलने वाली राहत को मात्र कुछ हजार रुपये में प्रदान कर रहे हैं। गठियाबाय के दर्द में कारगर इस आधुनिक तकनीक का लाभ बडी संख्या में गरीब मरीज उठा रहे हैं। ब्रज क्षेत्र के चंद्रपाल, चांद और प्रेमवती आदि ने घुटने के गठियाबाय के दर्द से मुक्ति पाने के लिए कुछ हजार रुपये खर्च किये न कि लाखों रुपये। अब वे भली प्रकार से अपना काम कर पा रहे हैं।

चंद्रपाल, चांद और प्रेमवती आदि ने घुटने के गठियाबाय के दर्द से मुक्ति पाने के लिए कुछ हजार रुपये खर्च किये न कि लाखों रुपये, अब वे भली प्रकार से कर रहे अपना काम

मल्टी स्पशियेलिटी केडी हास्पीटल की ओपीडी डा. हर्षित जैन से जैत निवासी चंद्रपाल, मथुरा शहर निवासी चांद, हाइवे विरजापुर निवासी प्रेमवती, लक्ष्मी, रुपरानी, ब्रजकिशोर, पूरन सिंह ने अलग-अलग दिवसो पर सम्पर्क कर घुटने के दर्द को परामर्श मांगा। डा. हर्षित जैन ने इन सभी मरीजों की कुछ जांचें कराने के बाद पाया कि उनको आस्टो आर्थराइटिस यानी कि गठियाबाय ग्रेड-2 स्तर का है। मरीजों ने बताया कि उनको गठियाबाय के इलाज को घुटने के ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे चिकित्सालयों में कुछ लाख रुपये जमा कराने को कहा गया था। इतनी बडी धनराशि का इंतजाम करने में हम सभी मरीज सक्षम नहीं थे। इसी से वे दर्द सहने को विवश रहेे। मगर डा. हर्षित जैन के द्वारा किसी खास तकनीक से इलाज किये जाने की जानकारी पर वे उनसे आकर मिले। यहां उनके कुछ हजार रुपये ही खर्च हुए हैैं। उनके घुटने का दर्द छूमंतर हो गया है। अब उनको चलने फिरने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। परिजनों की सहमति से इन सभी मरीजों का अलग-अलग दिनों में डा. हर्षित जैन, डा. शरद एंटिन, डा. हेमराज सैनी, डा. एनथिएस्ट डा. निजावन, डा. नवीन, ओटी सहायक पवन, घनश्याम, राजवीर, राम मोहन शर्मा, शाहरुख, प्रदीप और सोहित, राहुल चैधरी, सतीश, राहुल सिंह, वार्ड लेडिज श्याम सुंदरी आदि मौजूद रहे।

गठियाबाय ग्रेड-2 के लिए पीएफओ और पीआरपी बेहतर-डा. हर्षित जैन

मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल की ओपीडी में मिले चिकित्सक डा. हर्षित जैन ने बताया कि पीएफओ और पीआरपी एडवांस्ड टेक्नोलाॅजी है। ये तकनीक ब्रज क्षेत्र में केडी हास्पीटल में पहली बार प्रयोग कर मरीजों को राहत दी जा रही है। इस तकनीक से गठियाबाय के ग्रेड-2 के मरीजों को कुछ हजार रुपये के आॅपरेशन से ठीक किया जा सकता है। उसके घुटने में कृत्रिम घुटने के प्रत्यारोपण की जरुरत नहीं होती है। उन्होंने गठियाबाय से परेशान ब्रजवासियों से कहा कि घुटनों के दर्द से परेशान न हों। दिल्ली, आगरा जाने के बजाय केडी हास्पीटल की ओपीडी में उनसे मिलें। ग्रेड-2 की गठियाबाय होने पर लाखों रुपये नहीं कुछ हजार में ही दर्द से मुक्ति मिल जाएगी। आॅपरेशन के अगले दिन ही टहल फिर भी सकोगे।

गठियाबाय ग्रेड-2 का इलाज लाखों नहीं हजारों रुपयों में कराएं-डा. रामकिशोर अग्रवाल

चिकित्सा विज्ञान की ईजाद की गई नई-नई तकनीकों से गरीबों को राहत मिल रही है। घुटने में Arthritis-2 के दर्द को नी ट्रांसप्लांट में कई लाख रुपये खर्च करने की जरुरत नहीं है। हां, ग्रेड-2 से अधिक की गठियाबाय के लिए केडी हास्पीटल में कृत्रिम घुटनों का प्रत्यारोपण में मात्र दो लाख रुपये में करा सकते हैं। ब्रजवासी अब गठियाबाय के दर्द का इलाज सिर्फ पीएफओ और पीआरपी जैसी तकनीक का उपयोग करके भी करा सकते हैं। इसके लिए विशेषज्ञ और अनुभवी चिकित्सक केडी हास्पीटल में उपलब्ध है।

-Legend News

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