Jallianwala बाग कांड के शहीदों की 100 वीं बरसी पर दी श्रद्धांजलि

मथुरा। शौर्य चक्र विजेता कैप्टन राकेश शर्मा की स्मृति में संचालित कैप्टन राकेष ग्रामोत्थान रिसोर्सेज सेन्टर भरनाकलां (मथुरा) में आज 100 वर्ष पहले Jallianwala बाग अमृतसर में हुए नरसंहार में शहीदों को श्रद्वान्जली दी गई।

श्रदांजलि सभा में श्रेत्र के सैकड़ों लोग, ग्रामोत्थान सेंटर के प्रशिक्षु युवा-युवतियां, शिक्षक व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सेंटर समिति की महासचिव रजनी पांडे ने बताया कि 13 अप्रैल 1919 के दिन अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी पर्व पर हजारों लोग उपस्थित थे। बिना किसी सूचना के सांय 05.30 बजे जनरल डायर बख्‍तर बन्द गाड़ियां (टैंक) लेकर पहॅुचा, सैकड़ों अंग्रेजी सेना के जवानों व अफसर उसके साथ थे। उसने जाते ही निर्दोष हिन्दुस्तानियों जो शान्ति पूर्वक आयोजित चल रही सभा में बैठे थे उन पर फायर का आर्डर दे दिया। 1650 गोलियां चलवाईं। हजारों लोग शहीद हुए ।

चैयरमैन कैप्टन हरिहर शर्मा ने बताया कि बाग अमृत शहर के बीचों-बीच है। चारों तरफ ऊॅची – ऊॅची दीवारें हैं। बीच में एक बड़ा कुंआ है। केवल 15 फुट चौड़ा एक सकरा रास्ता है। गोली चलाने भगदड़ मची बचने के लिए लोग कुंए में कुद पड़े। 180 लाशें कुंए से बाद में निकाली गई। 3000 से अधिक लोग षहीद हुए। हजारों मोंतो को हिन्दुस्तान याद रखेगा। जो लोग इतिहास को भूल जाते हैं वे जड़ो से कट जाते हैं। इस नर- संहार हो हमेशा याद रखा जायेगा। आज पूरा देश इन शहीदों को श्रद्धांजली दे रहा है।

सभा में कई गांवों के प्रधान व संम्राट लोग उपस्थित रहे। राजेश शर्मा एडवोकेट ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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