जर्मन माई पद्मश्री Sudevi dasi की वीजा अवधि एक साल बढ़ी

नई दिल्ली/मथुरा। मथुरा के राधकुंड की राधासुरभि गौशाला में गायों की सेवा करने वाली जर्मन माई पद्मश्री Sudevi dasi की वीजा अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज के हस्‍तक्षेप के बाद Sudevi dasi की वीजा अवधि को बढ़ाया गया है।

वीजा विस्तार के आवेदन को नामंजूर किए जाने पर नाराजगी जताने वाली ‘पद्मश्री’ से सम्मानित जर्मन नागरिक फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग उर्फ Sudevi dasi के वीजा की अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है। गोसेवा के लिए ‘पद्मश्री’ से सम्मानित सुदेवी ने बताया उनकी समस्‍या का समाधान हो गया है। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज के हस्‍तक्षेप के बाद उनकी वीजा अवधि को बढ़ाया गया है।

आवेदन पत्र में हिज्जे की गलती के चलते पैदा हुआ था भ्रम : एलआइयू के प्रभारी निरीक्षक केपी कौशिक

वीजा बढ़ाए जाने के बाद देवी ने कहा, ‘वीजा संबंधी मेरी समस्या का समाधान हो गया है। मुझे बताया गया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मेरे मामले का संज्ञान लिया। मैं उनका आभार व्यक्त करती हूं। अब मैं निश्चिंत होकर गोसेवा कर सकूंगी।’ इस बीच, स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) प्रभारी निरीक्षक केपी कौशिक ने कहा, ‘असल बात तो यह है कि वीजा विस्तार के उनके मामले में कोई रुकावट ही नहीं थी। यह भ्रम उनके आवेदन पत्र में हिज्जे की गलती के चलते पैदा हुआ था। यह भ्रम दूर हो गया है।’

उन्होंने बताया कि सुदेवी के वीजा की अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि सुषमा स्वराज ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी। जर्मन नागरिक ने वीजा विस्तार को मंजूरी नहीं मिलने पर पुरस्कार लौटाने की भी बात कही थी। ब्रूनिंग (61) को गोरक्षा के लिए इस वर्ष पद्म श्री से नवाजा गया था।

भारत में और अधिक समय तक रूकने के लिए उनके वीजा विस्तार के आवेदन को विदेश मंत्रालय द्वारा लौटाए जाने के बाद उन्होंने पुरस्कार लौटाने की धमकी दी थी। मीडिया रिपोर्ट पर सुषमा ने ट्वीट किया था, ‘मेरे संज्ञान में इसे लाए जाने के लिए धन्यवाद। मैंने रिपोर्ट मांगी है।’ बता दें कि उनके आश्रम में करीब 2500 गायें हैं। फ्रेडरिक एरिना ब्रूनिंग नाम की महिला 25 साल पहले यूपी के मथुरा घूमने आई थीं, यहां वह आवारा गायों की बदहाली देखकर वह परेशान हो गई थीं।

उन्होंने तय किया कि वह आजीवन यहीं रहकर इन जानवरों की देखभाल करेंगी। लोगों की चकाचौंध से दूर एक सुनसान और मलिन इलाके में फ्रेडरिक एरिना ब्रूनिंग 2500 से ज्यादा गायों और बछड़ों को एक गोशाले में पाल रही हैं। वह बताती हैं कि गोशाले के अधिकतर जानवरों को उनके मालिक ने छोड़ने के बाद फिर से अपना लिया था और उन्हें अपने साथ ले गए। ब्रूनिंग को स्थानीय लोग सुदेवी माताजी कहकर बुलाते हैं।

-एजेंसी

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