पी चिदंबरम की मांग, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाए

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई जा रही बैठक से पहले ही बयानबाजी तेज हो गई है। बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग की है।
चिदंबरम ने सोमवार कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए, इसमें किसी भी संदेह या अस्पष्टता नहीं रहनी चाहिए।
पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस पार्टी का स्टैंड जो कल पुनः दोहराया गया वो है कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए, इसमें किसी भी संदेह या अस्पष्टता नही रहनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर को लोग उनके अधिकारों और इच्छाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। कश्मीर मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए शुरुआती रेखा खींचने का यही एकमात्र तरीका है।
पी चिदंबरम ने कहा कि संसद के आगामी मॉनसून सत्र में इन कानूनों को निरस्त करना चाहिए और वहां यथास्थिति बहाल करनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर एक ‘स्टेट’ था जिसने विलय के एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए और भारत में शामिल हो गया। इसे हमेशा के लिए उस स्थिति का आनंद लेना चाहिए। जम्मू-कश्मीर ‘रियल एस्टेट’ का हिस्सा नहीं है।
चिदंबरम के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि ये मौनी बाबा की सरकार नहीं है, यह मोदी सरकार है। जो कानून बन चुका है, वह वापस नहीं होगा। मुझे दुख होता है कि जो शब्द पाकिस्तान बोलता है कश्मीर और 370 के बारे में, वही शब्द कांग्रेस बोल रही है। ऐसे शब्द तो न बोलें जो पाकिस्तान चाहता है। चिदंबरम जो बोल रहे हैं, उससे पाकिस्तान और देश में छिपे आतंकवादी ही खुश होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पिछले दिनों क्लब हाउस चैट के दौरान जर्मनी के एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, हमें इस मसले पर फिर से विचार करना होगा। दिग्विजय सिंह के इस बयान को भाजपा के तमाम नेताओं ने देश विरोधी करार दिया।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *