भागवत के बयान पर ओवैसी ने कहा, राम मंदिर के लिए कानून बनाना आर्टिकल 14 का उल्‍लंघन

हैदराबाद। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए कानून लाने के बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। ओवैसी ने कहा है कि आरएसएस और उनकी सरकार को कानून बनाने से किसने रोका है?
उन्‍होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस बहुलतावाद में विश्‍वास नहीं करते है। वे सर्वसत्तावाद में भरोसा करते हैं। ओवैसी ने कहा कि उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं है। बता दें कि मोहन भागवत गुरुवार को नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में विजय दशमी के अवसर पर बोल रहे थे। उन्‍होंने कहा कि राम मंदिर पर चल रही राजनीति को खत्म कर इसे तुरंत बनाना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत हो तो सरकार इसके लिए कानून बनाए।
संघ प्रमुख ने कहा कि बाबर ने राम मंदिर को तोड़ा और अयोध्या में राम मंदिर के सबूत भी मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब यह मामला न्यायालय में चल रहा है लेकिन कितना लंबा चलेगा? भागवत ने कहा, ‘इस मामले में राजनीति आ गई इसलिए मामला लंबा हो गया। रामजन्मभूमि पर शीघ्रतापूर्वक राम मंदिर बनना चाहिए। इस प्रकरण को लंबा करने के लिए हुई राजनीति हुई को खत्म होना चाहिए।’
इसी बयान पर ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि आरएसएस और उनकी सरकार को कौन रोक रहा है? मंदिर के लिए कानून बनाएं। उन्‍होंने कहा कि आरएसएस और बीजेपी बहुलवाद या कानून के शासन में विश्वास नहीं करती है। वे कानून को नजरंदाज कर रहे हैं। जब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि आप किसी एक धर्म को लेकर खास कानून नहीं बना सकते हैं। यह आर्टिकल 14 का उल्‍लंघन है। फिर भी वे कानून बनाना चाहते हैं तो बनाएं, उन्हें किसने रोका है?
-एजेंसियां

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