हमारा लक्ष्य पाकिस्तान में इस्लामी शरिया सिस्टम लाना: TTP

अब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान TTP का सरगना मौलवी फकीर मुहम्मद ने तालिबान के इस्लामिक अमीरात के प्रति निष्ठा दिखाई है। उन्होंने कहा है कि वह पाकिस्तान में इसी तरह का इस्लामी शासन चाहते हैं। तहरीक-ए-तालिबान द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में फकीर मुहम्मद ने कहा कि उनका लक्ष्य पाकिस्तान में इस्लामी शरिया सिस्टम लाना है।
अशरफ गनी सरकार ने सैकड़ों TTP के लड़ाकों को अपने शासनकाल के दौरान जेल में बंद कर दिया था। इन लड़ाकों को अब तालिबान ने आजाद कर दिया है। रिहा होने वालों में TTP के पूर्व उप प्रमुख मौलवी फकीर मोहम्मद भी शामिल है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फकीर की रिहाई अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों के लिए नया खतरा पैदा कर सकती है रिपोर्ट्स बताती हैं कि मौलवी फकीर को फरवरी 2013 में नंगरहार में अफगान सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। दुनिया के कई देश और डिफेंस एक्सपर्ट्स लगातार यह कहते रहे हैं कि तालिबान को पाकिस्तान का सहयोग मिलता रहा है। अफगानिस्तान सरकार ने भी कई बार कहा है कि पाकिस्तान, तालिबान के जरिए अफगानिस्तान से लड़ रहा है। कई एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान को कई बार सलाह दी है कि तालिबान को समर्थन करने से पाकिस्तान को भी भविष्य में नुकसान संभव है लेकिन पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट करने के आरोप को सिरे से खारिज करता रहा है। आधिकारिक बयानों में पाकिस्तान का कहना है कि वह अफगानिस्तान में शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है लेकिन अगर दुनिया में कहीं तालिबान की जीत का स्वागत हुआ है तो वह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद ही है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने ‘गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने’ के लिए अफगानों की तारीफ की है।
-एजेंसियां

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