नारायण सेवा संस्थान द्वारा दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो का आयोजन

मुंबई। मुंबई के जेवीपीडी ग्राउंड में नारायण सेवा संस्थान द्वारा दिव्यांग टैलेंट एंड Fashion Show का आयोजन 10 नवं. को क‍िया जा रहा है। दिव्यांगों को प्लेटफार्म देने की शृंखला में NSS (नारायण सेवा संस्थान) 10 नवंबर, 2019 को मुंबई के जेवीपीडी ग्राउंड में दिव्यांग टैलेंट एंड Fashion Show का आयोजन कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान, 40 दिव्य हीरोज व्हीलचेयर, बैसाखी, कैलीपर्स और कृत्रिम अंगों पर अपने वजन को संभाले हुए आश्चर्यजनक स्टंट और नृत्य करेंगे, साथ ही रैम्पवाॅक भी करेंगे। इसी प्लेटफार्म पर जरूरतमंदों को कृत्रिम अंग वितरित किए जाएंगे। इस आयोजन के दौरान डॉ. संजय कृष्ण सलिल, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेदप्रताप वैदिक, पद्मश्री कैलाश ‘मानव’ अग्रवाल मुख्य अतिथि के तौर पर इस अवसर की गरिमा को बढ़ाएंगे।

इस दौरान पद्मश्री कैलाश ‘मानव’ अग्रवाल जरूरतमंद दिव्यांगों को एनएसएस में मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर और हार्डवेयर मरम्मत के कौशल को नि:शुल्क सीखने के लिए आमंत्रित करेंगे।

नारायण सेवा संस्थान के इवेंट हेड रोहित तिवारी, ठाणे शाखा के प्रमुख महेश अग्रवाल की उपस्थिति में प्रवक्ता रजत गौर कांफ्रेंस में शामिल हुए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए नारायण सेवा संस्थान के प्रवक्ता श्री रजत गौड़ ने बताया, ‘हमारा उद्देश्य ‘दिव्य हीरोज’ को इस तरह के प्लेटफॉर्म प्रदान करते हुए दिव्यांगों में प्रतिभा और साहस को पोषित-पल्लवित और प्रेरित करना है। इस इवेंट के जरिए हम दिव्यांगों में और ज्यादा आत्मविश्वास भरने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि हमारे मंच पर आने वाली प्रतिभाओं को और अधिक प्रोत्साहन मिले और दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में आने में मदद मिले।’

दिव्य हीरोज ने इससे पहले नई दिल्ली, उदयपुर, सूरत, जयपुर और मोरबी में परफाॅर्मेंस दी है। इन दिव्य हीरोज की यात्रा आसान नहीं रही है लेकिन एनएसएस के प्रेसिडेंट श्री प्रशांत अग्रवाल के निरंतर समर्थन के साथ यह दिव्यांग इस टैलेंट शो को सफल बनाने के लिए जी-जान लगा कर अपनी प्रस्तुतियां तैयार करते हैं।

हाल ही में, नारायण सेवा संस्थान ने इंस्टाकैश के साथ हाथ मिलाया है जो ई-वेस्ट के खतरों से पर्यावरण का संरक्षण के साथ अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से दिव्यांगों की मदद के लिए क्राउडफंडिंग को सक्षम करने में मदद करेगा। फंड जुटाने की इस कोशिश से अंततः और अधिक दिव्यांगों को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिलेगी।

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