Major Gogoi के खिलाफ सेना ने दिए अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश

एक स्थानीय महिला के साथ देखे जाने के बाद Major Gogoi कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में दोषी पाए गए

नई दिल्‍ली। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में Major Gogoi को दोषी पाया गया है जिसके बाद सेना ने आगे की कार्यवाही के आदेश दे दिये हैं।
गौरतलब है कि गत मई माह में मेजर लीतुल गोगोई को श्रीनगर के एक होटल में एक स्थानीय महिला के साथ देखे जाने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद मेजर के खिलाफ सेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी शुरू कर दी थी जिसमें उन्‍हें एक स्थानीय निवासी से दोस्ती करने और एक अभियान वाले क्षेत्र में अपने कार्य स्थल से दूर रहने का दोषी पाया गया है।

समाचार एजेंसी भाषा ने सेना के सूत्रों के हवाले से बताया कि गोगोई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि अदालत ने उन्हें निर्देशों के विपरीत स्थानीय महिला से ”मेलजोल रखने और एक अभियान वाले इलाके में अपने कार्य स्थल से दूर रहने का जिम्मेदार ठहराया।

पुलिस ने 23 मई को एक विवाद के बाद गोगोई को हिरासत में लिया था। वह 18 वर्षीय महिला के साथ श्रीनगर के एक होटल में कथित तौर पर घुसने की कोशिश कर रहे थे।

जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने 23 मई बुधवार को श्रीनगर में एक होटल से सेना के एक अधिकारी को एक महिला के साथ हिरासत में ले लिया। दोनों को पुलिस थाने ले जाया गया और वहां सेना के अधिकारी को उसकी यूनिट के सुपूर्द कर दिया गया। अधिकारी की पहचान साल 2017 में पथराव की घटना के दौरान बडगाम जिले में एक स्थानीय युवक को अपने वाहन के बोनेट पर बांधने वाले मेजर के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि दोपहर 11 बजे होटल ग्रांड से किसी झगड़े के बारे में हमें फोन किया गया।

पुलिस के बयान के मुताबिक, ‘एक पुलिस दल को यह मामला सौंपा गया और पता चला कि एक महिला और बडगाम निवासी समीर अहमद नामक एक व्यक्ति किसी व्यक्ति से होटल में मुलाकात करना चाह रहे थे। लेकिन होटल कर्मियों ने उस व्यक्ति से इन लोगों को मुलाकात करने की इजाजत नहीं दी। इस बीच पुलिस होटल पहुंचकर तीनों को पुलिस थाने ले आई।’

 

इसके कुछ दिन बाद सेना ने इस घटना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पहलगाम में कहा था कि अगर Major Gogoi को ”किसी भी अपराध में दोषी पाया जाता है तो कठोर सजा दी जाएगी।
-एजेंसी

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