दिल्‍ली ने धुएं में उड़ा दिए दीवाली पर पटाखों को लेकर दिए गए आदेश-निर्देश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिवाली पर ग्रीन पटाखों को ही इस्‍तेमाल करने का आदेश पूरी तरह धुएं में उड़ा दिया गया, नतीजतन हर जगह दिखाई दे रहा है तो सिर्फ प्रदूषण। दिवाली की सुबह आज जब लोगों ने आंखें खोलीं तो बाहर जैसे कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था। चारों तरफ स्मॉग ही स्‍मॉग, सांस लेने में ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कुछ जल रहा हो। दिवाली की रात लोगों ने प्रदूषण की चिंता किए बगैर जमकर पटाखे जलाए और नतीजा भयंकर स्मॉग के रूप में सामने आया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे फोड़ने को लेकर रात 8 से 10 बजे की समय-सीमा तय की थी लेकिन लोगों ने इसके बाद भी पटाखे फोड़े। शाम से ही पटाखे फोड़ने की शुरुआत हो गई, जो देर रात तक जारी रही। नतीजा यह हुआ कि दिल्ली के कई इलाकों में हवा बेहद जहरीली हो गई है और सुबह एयर क्वॉलिटी 999 तक पहुंच गई है। सुबह आनंद विहार में लेवल 999, अमेरिकी दूतावास चाणक्यपुरी के आसपास 459 और मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम के आसपास 999 पहुंच गया।
यह हाल तो तब है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि ग्रीन पटाखों की शर्त केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए है और देश के बाकी हिस्सों में सामान्य पटाखे जलाए जा सकेंगे। कोर्ट ने साथ ही पटाखा फोड़ने के दो घंटे में समय बदलाव से साफ इंकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले दिए गए अपने फैसले में पटाखा फोड़ने का समय रात 8 बजे से 10 बजे तक तय किया था।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दिए गए अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगाने से साफ इंकार कर दिया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री को इजाजत दे दी थी। SC ने अपने फैसले में कहा था कि पटाखों की ऑनलाइन बिक्री नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने ई-कॉमर्स पोर्टल्स को पटाखे बेचने से रोक दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों को केवल लाइसेंस पाए ट्रेडर्स ही बेच सकते हैं। आपको बता दें कि वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए देशभर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस पर अहम फैसला दिया। कोर्ट ने कम आवाज वाले पटाखे जलाने का आदेश दिया है ताकि प्रदूषण से मुक्ति मिल सके।
-एजेंसियां

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