पश्‍चिम बंगाल में चुनाव आयोग की कार्यवाही से विपक्ष परेशान, उठाए सवाल

नई दिल्‍ली। कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग की कार्यवाही से विपक्ष परेशान हो गया है।
विपक्ष का आरोप है कि आयोग ने बीजेपी को फायदा पहुंचाने के इरादे से चुनाव प्रचार एक दिन कम करने का फैसला किया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रचार अभियान को ऐसे वक्त पर खत्म करने का निर्देश दिया गया जिससे पीएम नरेंद्र मोदी की रैलियों को इजाजत मिल सके।
बीएसपी चीफ मायावती ने भी आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ममता को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है।
उधर, बीजेपी ने चुनाव आयोग से मिलकर कहा कि बंगाल हिंसा में मामले में और कार्यवाही की जरूरत है।
’11 शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं’
सुरजेवाला ने दावा किया कि कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के आचार संहिता का उल्लंघन करने की कम से कम 11 शिकायतें की थीं।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आचार संहिता को ‘मोदी कोड ऑफ मिस कंडक्ट’ कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इन शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं की।
सुरजेवाला ने कहा, ‘क्या MCC, जो पहले ‘मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट था’, अब ‘मोदी कोड ऑफ मिसकंडक्ट’ हो गया है? जो बीजेपी के राजनीतिक विरोधियों पर लागू होगा और पीएम और बाकी बीजेपी नेताओं को संरक्षण देगा।’
कांग्रेस ने सवाल किया, ‘चुनाव आयोग ने प्रचार अभियान को गुरुवार रात 10 बजे के बाद रोकने का आदेश देने में देरी क्यों की? क्या आयोग के आदेश का मकसद यह नहीं था कि पीएम की मथुरापुर और दमदम में आज (गुरुवार) शाम को होने वाली दो जनसभाओं को इजाजत दी जा सके?’
‘बैन क्यों नहीं नमो टीवी’
सुरजेवाला ने नमो टीवी को बैन नहीं करने पर चुनाव आयोग ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘देश देख रहा है कि कैसे चुनाव आयोग ने कई शिकायतों के बाद भी नमो टीवी प्रॉपेगैंडा को बैन नहीं किया है, जो बीजेपी की मशीन है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग का सरेआम मजाक उड़ाया और बीजेपी खुलेआम पैसों की नुमाइश कर रही है लेकिन आयोग ने न कोई प्रतिक्रया दी और न ही कार्यवाही की।
‘हिंसा के लिए शाह पर हो कड़ी कार्यवाही’
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी ने 14 मई को पश्चिम बंगाल में जो हिंसा की उसके लिए आयोग को बीजेपी अध्यक्ष और दूसरे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए थी। जिस तरह से पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासगर की मूर्ति को तोड़ा गया उससे पूरे देश को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि इससे यह दिखता है कि बीजेपी के मन में देश के सांस्कृतिक आइडल्स के लिए कितना सम्मान है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजाय कार्यवाही करने के आयोग ने प्रचार को खत्म करने का निर्देश दिया ताकि पीएम की रैलियां हो सकें। उन्होंने सवाल किया कि क्या आयोग बीजेपी मुख्यालय से निर्देश ले रहे हैं।
मायावती ने लगाया बीजेपी, आरएसएस पर आरोप
इससे पहले मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के जिम्मेदार बीजेपी और आरएसएस हैं। उन्होंने कहा, ‘बंगाल में चुनावी हिंसा और बवाल का सवाल है तो वहां ऐसा साफ तौर पर ऐसा लगता है कि हिंसा जानबूझकर आरएसएस और बीजेपी की ओर से करवाई गई है।’ बीएसपी प्रमुख ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और उनके चेले अमित शाह के नेतृत्व में सोची समझी रणनीति के तहत ममता को लंबे समय से टारगेट किया जा रहा है। अब लोकसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी को षड्यंत्र के तहत टारगेट कर रहे हैं ताकि बीजेपी अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान हटा सकें।
उन्होंने कहा कि गुरु (मोदी) और चेले (अमित शाह) हाथ धोकर ममता के पीछे पड़े हैं जो न्याय संगत नहीं है।
-एजेंसियां

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