CAA पर विपक्ष के फैलाए ‘झूठ’ ने अराजकता पैदा की: गृह मंत्री

गांधीनगर। नागरिकता संशोधन कानून CAA की अधिसूचना केंद्र सरकार ने जारी कर दी है और अब यह 10 जनवरी से लागू हो चुका है। हालांकि, इसको लेकर सियासी तकरार जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि CAA पर विपक्ष की ओर से फैलाए गए ‘झूठ’ ने देश में अराजकता पैदा की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस नए कानून CAA का लक्ष्य लोगों को नागरिकता देना है, उनसे नागरिकता छीनना नहीं।
अमित शाह ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों के घर-घर जाकर उन्हें नए कानून के प्रावधानों के बारे में समझाएं।
गुजरात पुलिस की विभिन्न परियाजनाओं के उद्घाटन के लिए आयोजित समारोह में गांधीनगर में शाह ने आरोप लगाया, ‘विपक्ष के पास और कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वे CAA के बारे में झूठ और भ्रम फैला रहे हैं। इसके कारण पूरे देश में अराजकता फैल गई है।’
‘हमारे पास सच समझाने की ताकत’
बीजेपी नेता ने कहा कि इस कानून का लक्ष्य तीन पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में परेशान किए जा रहे अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास लोगों को सच समझाने की ताकत है। मैं बीजेपी कार्यकर्ताओं से अनुरोध करता हूं कि वे घर-घर जाकर लोगों को CAA से होने वाले लाभ के बारे में बताएं। हमारा अभियान पूरा होने के बाद देश के लोग CAA के महत्व को समझेंगे। तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल से अपराध को कम करने में मदद मिल सकती है।’
क्या है CAA?
नागरिकता संशोधित कानून CAA में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होने वाले उन हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों, पारसियों, जैनियों और बौद्ध समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता का प्रावधान है जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ चुके हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 दिसंबर को संशोधित नागरिकता कानून को मंजूरी दी थी।
-एजेंसियां

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