कांग्रेस की बैठक में ही हुआ मोदी के खिलाफ राहुल के बोलने का विरोध

नई दिल्‍ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मंगलवार को हुई बैठक में राहुल गांधी द्वारा लगातार नरेन्‍द्र मोदी को निशाना बनाए जाने का विरोध किया गया।
बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के कद्दावर नेता आरपीएन सिंह ने सलाह दी कि चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को पीएम मोदी की आलोचना करनी चाहिए, लेकिन निजी हमले से बचना चाहिए। इसके बाद राहुल और कुछ अन्य नेता इस पर नाराज हुए और मामला पार्टी में ‘युवा बनाम पुराना’ बनता दिखा।
नाराज राहुल ने कहा, ‘मैं पीएम मोदी से नहीं डरता हूं। वह मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मैं उनकी आलोचना जारी रखूंगा। अगर किसी को इसमें दिक्कत है तो CWC मुझे चुप रहने के लिए कह सकती है।’
बता दें कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मंगलवार की हुई बैठक में चीन से विवाद को लेकर राहुल गांधी ने एकबार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था। उन्होंने बैठक में साफ कहा कि मैं पीएम मोदी से नहीं डरता और उन पर लगातार निशाना साधता रहूंगा। राहुल ने साथ ही पार्टी के बड़े नेताओं पर पीएम पर सीधे हमला करने से बचने का भी आरोप लगा दिया। इमर्जेंसी की 45 साल पर इस खबर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल पर तंज कसा है।
ज्यादातर कांग्रेसी नेता मोदी-शाह पर हमला करने से बचते हैं
राहुल यही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने इशारा किया कि कई सहयोगी पीएम मोदी पर सीधा हमला करने से बचते हैं। राहुल के इस बयान पर उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कुछ अन्य को छोड़कर ज्यादातर कांग्रेस नेता पीएम मोदी और अमित शाह पर सीधा हमले से बचते हैं।
इमर्जेंसी की बरसी पर बीजेपी का कांग्रेस पर हल्लाबोल
आपातकाल की बरसी पर बीजेपी ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा है। शाह ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र है लेकिन कांग्रेस में नहीं। सत्ता के लालच में एक परिवार ने देश में 45 साल पहले एक परिवार ने आपातकाल लगा दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी में सबकी आवाज दबा दी गई। नड्डा ने भी ट्वीट कर कांग्रेस पर निशना साधा है।
शाह बोले, कांग्रेस में नहीं है लोकतंत्र
शाह ने कहा कि कांग्रेस में अभी तक इमर्जेंसी की सोच है। उन्होंने कहा, ’45 साल पहले एक परिवार ने सत्ता के लालच में देश में आपातकाल लगा दिया। कांग्रेस के नेता हताश हो रहे हैं। देश में लोकतंत्र है लेकिन कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में कुछ नेताओं ने मुद्दे उठाए तो लोग चिल्ला पड़े। एक पार्टी प्रवक्ता को बिना सोचे-समझे बर्खास्त कर दिया गया।’ बता दें कि कुछ दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवक्ता संजय झा को एक लेख के कारण प्रवक्ता पद से हटा दिया था।
शाह ने पूछे कांग्रेस से सवाल
गृह मंत्री ने कहा, ‘देश के एक विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस को खुद से सवाल पूछने की जरूरत है। आखिर क्यों उसकी इमर्जेंसी की मानसिकता बरकरार है। आखिर क्यों एक राजवंश से ताल्लुक नहीं रखने वाले उस पार्टी के नेता बोल नहीं पाते? क्यों वहां नेता निराश हैं? इसके अलावा पार्टी का जनता से अलगाव जारी है।’
नड्डा का भी कांग्रेस पर हमला
बीजेपी चीफ नड्डा ने भी एक ट्वीट कर आपातकाल के दौरान की भीषण यातनाओं को याद किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत उन सभी महानुभावों को नमन करता है, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का जमकर विरोध किया. ये हमारे सत्याग्रहियों का तप ही था, जिससे भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों ने एक अधिनायकवादी मानसिकता पर सफलतापूर्वक जीत प्राप्त की।’
बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से कई ट्वीट कर आपातकाल के दौरान किए गए पुलिसिया जुल्म के बारे में बताया है। बता दें कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में 21 महीने के लिए इमर्जेंसी लगा दिया गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा की थी।
-एजेंसियां

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