चाबहार बंदरगाह के एक हिस्‍से का परिचालन भारत के हाथ में आया

भारत ने ईरान में सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित रणनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह के एक हिस्से का परिचालन दायित्व संभाल लिया है। सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत ईरान का ऊर्जा संपन्न दक्षिणी प्रांत है। यह पहला मौका है जब भारत अपने सीमा क्षेत्र से बाहर किसी बंदरगाह का परिचालन करेगा।
नौवहन मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “भारत सरकार ने 24 दिसंबर 2018 को आयोजित चाबहार त्रिपक्षीय समझौते की बैठक के दौरान ईरान में शाहिद बेहेश्ती बंदरगाह (चाबहार) के एक हिस्से का परिचालन अपने हाथ में ले लिया है।” इस कार्य हेतु गठित की गई विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल चाबहार फ्री जोन (आईपीजीसीएफजेड) के कार्यालय का भारत, ईरान और अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने संयक्त रूप से उद्घाटन किया।
बयान में कहा गया, “टर्मिनल क्षेत्र, कार्गो हैंडलिंग उपकरण और कार्यालय भवन का फिजिकल टेक-ओवर 29 दिसंबर, 2018 तक पूरा हो गया था।” इस बंदरगाह के वाणिज्य परिचालन की शुरूआत ब्राजील से 72,458 टन मक्के से लदे एक जहाज के आगमन के साथ हुई। जानकारी के लिए बता दें कि एमवी मैकरास नाम का यह जहाज 30 दिसंबर को रात 01:30 बजे बंदरगाह के घाट पर लगा था।
बयान में आगे कहा गया कि भारत ने चाबहार बंदरगाह परियोजना में शामिल होकर एक इतिहास रचने का काम किया है। भारत चारों तरफ से थल सीमा से घिरे अफगानिस्तान की मदद के लिए क्षेत्रीय सहयोग और संयुक्त प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है।
-एजेंसियां

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