कान खोलकर सुन लीजिए, कश्‍मीर में अलग पीएम बनाने की साजिश सफल नहीं होने दूंगा: नरेन्‍द्र मोदी

हैदराबाद। जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला द्वारा राज्य में अलग प्रधानमंत्री की व्यवस्था को दोबारा बहाल कराने की बात कहने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और महागठबंधन में शामिल दलों से कई सवाल पूछे हैं।
प्रधानमंत्री ने तेलंगाना में अपनी एक रैली के दौरान उमर के बयान के बहाने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को आड़े हाथों लेते हुए दलों से पूछा है कि क्या कारण है कि उनका साथी दल इस तरह की बात बोलने की हिम्मत कर रहा है।
तेलंगाना में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने उमर के बयान की आलोचना की।
नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा,’कांग्रेस के एक बड़े सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह बयान दिया है कि कश्मीर में अलग पीएम होना चाहिए। आप मुझे बताइए क्या आपको कांग्रेस की साथी पार्टी की यह मांग मंजूर है।’
कांग्रेस को देना होगा बयानों पर जवाब: PM
पीएम ने सभा में कहा, ‘कांग्रेस के एक बड़े सहयोगी दल और महागठबंधन के सबसे बड़े साथी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बयान दिया है कि कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए। आप मुझे बताइए कांग्रेस की साथी पार्टी की मांग आपको या हिंदुस्तान में किसी को मंजूर है।
पीएम ने भाषण में आगे कहा,’वो कहते हैं कि हम घड़ी की सुई पीछे ले जाएंगे और 1953 के पहले की स्थिति पैदा करेंगे और हिंदुस्तान में दो पीएम होंगे। कश्मीर का पीएम अलग होगा। जवाब कांग्रेस को और महागठबंधन के सभी पार्टनरों को देना होगा कि क्या कारण है कि उनका साथी दल इस तरह की बात बोलने की हिम्मत कर रहा है। कुछ दिन पहले उनके एक उम्मीदवार ने भारत को गाली देने की कोशिश की थी, लेकिन कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस इस पर चुप बैठे हैं। इन लोगों को मैं कहना चाहता हूं कि कान खोलकर सुन लीजिए। जब तक मोदी है आपकी साजिशों को कामयाब नहीं होने देगा’
उमर अब्दुल्ला ने बांदीपोरा में दिया था विवादित बयान
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी का बयान उमर अब्दुल्ला ने उस भाषण के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि हम जम्मू-कश्मीर में दोबारा अलग वजीर-ए-आजम और सदर-ए-रियासत की व्यवस्था को बहाल कराएंगे। बांदीपोरा में सोमवार को ही उमर ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा शर्त के साथ बना था और हम राज्य में वह व्यवस्था पुन: वापस लाएंगे जिसके तहत प्रदेश का अपना वजीर-ए-आजम और सदर-ए-रियासत हुआ करता था।
कांग्रेस बयान से अलग होने में ना करे संकोच: उमर
पीएम मोदी द्वारा उमर के बयान पर सवाल खड़े करने के बाद उमर अब्दुल्ला ने खुद अपने बयान से कांग्रेस और महागठबंधन को अलग करने की कोशिश की। अपने एक ट्वीट में उमर ने लिखा, ‘मेरे कांग्रेस और अन्य दलों के मित्र मेरे बयान से खुद को अलग करने में संकोच ना करें। मेरी पार्टी ने हमेशा से जम्मू-कश्मीर के विलय के उन सभी नियमों की बहाली की बात कही है जिन पर महाराजा हरि सिंह ने 1947 में जम्मू-कश्मीर के विलय के लिए समझौता किया था। मैं पीएम मोदी द्वारा मेरे भाषण पर दिए गए ध्यान के लिए कृतार्थ हूं और मैं बीजेपी की सोशल मीडिया सेल का धन्यवाद करता हूं जिसने मेरी स्पीच को हाइलाइट किया और इसे तमाम पत्रकारों को भी वॉट्सऐप पर भेजा। उनकी पहुंच मुझसे कहीं ज्यादा है।’
-एजेंसियां

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