कादर ख़ान की मौत पर फ़िल्म इंडस्ट्री से सिर्फ़ डेविड धवन ने फोन किया

मुंबई। ”वो न सिर्फ मेरे उस्ताद थे, बल्कि मेरे लिए पिता जैसे थे. उनका जादुई टच और उनकी आभा हर अभिनेता को ऐसा महसूस कराया कि वो एक सुपरस्टार के साथ काम कर रहा है. पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री और मेरा परिवार इस क्षति पर शोक व्यक्त करता है. हम शब्दों से अपना दुख बयां नहीं कर सकते.” – गोविंदा
”कादर ख़ान का निधन… बेहद दुखद और निराशाजनक ख़बर है… मेरी प्रार्थना और संवेदना…. एक बेहतरीन स्टेज आर्टिस्ट … और एक शानदार फ़िल्म कलाकार…. मेरी अधिकतर बेहतरीन सफ़ल फ़िल्मों के शानदार लेखक… एक बेहतरीन शख्सियत… और एक गणितज्ञ.” – अमिताभ बच्चन
”कादर ख़ान आपको याद किया जाएगा. आतिश, घरवाली बाहरवाली, दूल्हे राजा, वाह तेरा क्या कहना से लेकर बड़े मियां छोटे मियां तक, किसी में ऐसा आदाकारी नहीं रही, जैसी आप में थी. कादर भाई आपने यादों का खज़ाना छोड़ा है. परिवार को मेरी संवेदनाएं.” – रवीना टंडन
ऐसे ही कुछ और ट्वीट देखकर आपको ऐसा लगा होगा कि कादर ख़ान के निधन पर बॉलीवुड में कितना शोक है, और उनको लेकर बॉलीवुड कितना गंभीर है. लेकिन बीबीसी ने जब कादर ख़ान के बेटे सरफ़राज़ ख़ान से बात की तो उनका जवाब हैरान करने वाला था.
सरफ़राज कहते हैं, ”बॉलीवुड ने मेरे पिता को भुला दिया. यही सच है. लेकिन मेरे पिता ने कभी इस बात की उम्मीद भी नहीं की थी कि कोई उन्हें याद करे. शायद वो ये जानते थे.”
80 और 90 के दशक में शानदार अभिनय और लेखन से दर्शकों के दिल में जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान का 31 दिसंबर की शाम कनाडा के एक अस्पताल में निधन हो गया. वो 81 साल के थे.
कादर ख़ान लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके बेटे ने बताया कि वो 31 दिसंबर की दोपहर को कोमा में चले गए थे और पिछले 16-17 हफ्तों से अस्पताल में भर्ती थे. कादर ख़ान को सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें नियमित वेंटिलेटर से हटाकर बीआईपीएपी वेटिंलेंटर पर रखा हुआ था.
गोविंदा के ट्वीट पर सरफ़राज़ ने कहा कि लोग मोहब्बत में भले ही उन्हें पिता कहते हों लेकिन असल पीड़ा तो मुझे ही है. भागादौड़ी मुझे ही करनी थी सारी ज़िंदगी और मैंने ही उनका ख़याल रखा है. किसी और ने उन्हें याद नहीं किया.
सरफ़राज कहते हैं, ”मेरे पिता ने अपनी ज़िंदगी दे दी बॉलीवुड पर लेकिन उन्होंने कभी इस चीज़ की उम्मीद भी नहीं की. क्योंकि शायद जब वो काम करते थे तो उन्होंने देखा था कि उनके सीनियर्स के साथ आखिरी वक़्त में कैसा बर्ताव हुआ है.”
बॉलीवुड ने कादर ख़ान को भुला दिया ये बात सरफ़राज़ भी मानते हैं. सरफ़राज ने कहा कि बॉलीवुड से ज़्यादा कादर ख़ान के प्रशंसक उन्हें चाहते थे और ये उनके अंतिम संस्कार के वक़्त कनाडा में दिखा भी. दुनिया के अलग-अलग कोने से उनके चाहने वाले वहां पहुंचे. उन्होंने बताया कि फ़िल्म इंडस्ट्री से सिर्फ़ डेविड धवन ने ही उन्हें फोन किया.
सरफ़राज़ कहते हैं, ”मेरे पिता ने कभी फ़िल्म इंडस्ट्री से उम्मीद नहीं की, लेकिन अपने चाहने वालों से हमेशा उन्हें उम्मीद रही है और कल ये दिखा भी. डेविड जी के अलावा किसी का फ़ोन नहीं आया. लेकिन इंडस्ट्री में जो ट्रेंड बना है, वो आगे जाकर सबके साथ होगा. बाद में लोग संवेदना जताते हैं, दुनिया के सामने दिखावा करते हैं और दिखावे के लिए लोग शादियों में जाकर डांस भी करते हैं और खाना भी परोसते हैं लेकिन हक़ीक़त ऐसी नहीं है.”
क़रीब 300 फ़िल्मों में काम
वो कहते हैं, जब गोविंदा स्टार थे तो लोग उनसे मिलने के लिए तरसते थे लेकिन अब वो ख़ुद ढूंढ़-ढूंढ़कर लोगों से मिलते हैं.
क़रीब 300 फ़िल्मों में काम कर चुके कादर ख़ान ने गोविंदा के साथ कई फ़िल्में की थीं. 90 के दशक में कादर ख़ान और गोविंदा की जोड़ी फ़िल्मों में छाई थीं. पिछले एक दशक से कादर ख़ान फ़िल्मी दुनिया से दूर थे. तबीयत ख़राब होने के बाद उनका ज़्यादातर वक़्त उनका कनाडा में बच्चों के साथ बीता.
अमिताभ बच्चन से कादर ख़ान की दोस्ती काफ़ी चर्चित रही है. कादर ख़ान और अमिताभ ने याराना फ़िल्म में साथ काम किया था. कादर ख़ान की लिखी कई फ़िल्मों में अमिताभ बच्चन ने अभिनय किया है.
सरफ़राज़ बताते हैं कि उनके पिता अमिताभ बच्चन को काफ़ी पसंद करते थे और उनकी तारीफ़ करते थे. अमिताभ बच्चन भी उनके काम की काफ़ी वैल्यू करते थे इसलिए शायद दोनों की दोस्ती काफ़ी शानदार थी.
हालांकि वो यह भी कहते हैं कि लंबी बीमारी से लेकर आखिरी वक़्त तक अमिताभ बच्चन या किसी अन्य बॉलीवुड कलाकार ने उन्हें फोन नहीं किया.
कादर ख़ान दक्षिण भारत की फ़िल्मों में भी काम कर चुके हैं. उनके फ़िल्मी सफ़र और उनकी बातों को याद करते हुए सरफ़राज कहते हैं, ”फ़िल्मों के अवॉर्ड से ज़्यादा उन्हें प्रशंसकों का प्यार मायने रखता था.
वो कहते थे कि अगर मैं साउथ में होता तो मेरे मंदिर बनते. जब मेरे पिता को ये अहसास हुआ कि उन्हें अकेले ही लड़ाई लड़नी है तभी उन्होंने हमें बता दिया था कि हमारी इंडस्ट्री बेमुरव्वत है, कभी किसी से उम्मीद मत रखना. शायद उन्हें किसी बात का दुख पहुंचा होगा.”
-BBC

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