ऑनलाइन सर्वे: आज भी प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद नरेन्‍द्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर लोगों ने एक बार फिर भरोसा जताया है। ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पीएसी) ने एक ऑनलाइन सर्वे किया है। इस सर्वे में 57 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए।
एक सर्वे में शामिल 48 फीसदी लोगों का पीएम मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बताते हुए उनका मानना है कि पीएम मोदी ही ऐसे नेता हैं जो ‘देश के एजेंडे’ को आगे ले जा सकते हैं।
यह सर्वे इसलिए और भी प्रासंगिक हो गया है क्योंकि इसे चुनाव जिताने का हिट फॉर्मूला देने वाले राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की देखरेख में तैयार किया गया है।
देश के 712 जिलों में कराया सर्वे
यह सर्वे 55 दिनों में देश के 712 जिलों में संपन्न कराया गया। बता दें कि आई-पीएसी भारत का पहला और सबसे बड़ा क्रॉस-पार्टी वकालत समूह है, जो दूरदर्शी, प्रगतिशील और समावेशी नेताओं के चुनाव में समर्थन करने का प्रयास करता है। इसकी स्थापना प्रशांत किशोर ने की है। आई-पीएसी ने अपना यह सर्वे नेशनल एजेंडा फोरम के तहत किया है।
राहुल गांधी को दिया दूसरा स्थान
आई-पीएसी ने सर्वे में लोगों से 923 नेताओं के बारे में अपनी पसंद जाहिर करने के लिए कहा था जिसमें लोगों ने सर्वाधिक पसंदीदा नेता के रूप में पीएम मोदी को चुना जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 11 प्रतिशत मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
तीसरें नंबर पर अरविंद केजरीवाल
सर्वे के अनुसार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 9.3 प्रतिशत वोटों के साथ तीसरे स्थान पर और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया 7 फीसदी वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 4.2 प्रतिशत वोटों और बसपा सुप्रीमो मायावती 3.1 फीसदी वोटों के साथ क्रमश: पांचवें और छठवें स्थान पर हैं।
लोगों से अपना नेता चुनने की सूची में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, राकांपा नेता शरद पवार सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय नेताओं के नाम शामिल किए गए थे। बता दें कि प्रशांत किशोर बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ पहले काम कर चुके हैं।
बाबा रामदेव को राजनीति में देखना चाहते हैं लोग
सर्वे में लोग अभिनेता अक्षय कुमार, आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी, योग गुरु बाबा रामदेव एवं पत्रकार रवीश कुमार को राजनीति करते देखना चाहते हैं।
गत सोमवार को जारी हुआ यह सर्वे साल 2013 में प्रशांत किशोर के ‘सिटिजन्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस’ द्वारा किए गए सर्वेक्षण जैसा ही है जिसमें मोदी को देश का सर्वाधिक पंसदीदा नेता के रूप में पेश किया गया था। हालांकि, कुछ आलोचकों ने इस सर्वे पर सवाल उठाया है।
आलोचकों का कहना है कि यह एक ऑलाइन सर्वे है और इसकी एक सीमा है क्योंकि भारत की बहुत बड़ी आबादी गांवों में रहती है। यह सर्वे ग्रामीण इलाकों तक नहीं पहुंचा होगा जबकि आई-पीएसी के सदस्यों का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य देश के एक महत्वपूर्ण हिस्से जो इंटरनेट का इस्तेमाल करता है, उस तक पहुंचना और यह जानने की कोशिश करना था कि देश क्या सोचता है।
बता दे, साल 2014 के लोकसभा चुनावों की तैयारी में मोदी टीम का अहस हिस्सा रहे प्रशांत किशोर ने वर्ष 2015 में बिहार में नीतीश कुमार के लिए काम किया।
प्रशांत किशोर का फॉर्मूला महागठबंधन को जिताने में तो सफल रहा लेकिन 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और सपा गठबंधन को जिताने का उनका फॉर्मूला असफल रहा।
सूत्रों की मानें तो प्रशांत किशोर एक बार फिर भाजपा के खेमे में वापस आ गए हैं और वह 2019 लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुट गए हैं।
-एजेंसी

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