मानसिक चेतना बढ़ाने को कल्याणं करोति ने की ऑनलाइन संगोष्‍ठी

वैश्विक महामारी covid -19 के कारण भारतवर्ष में सभी शैक्षिक संस्थाओं में नियमित शिक्षण कार्य बाधित है। इसलिए वैकल्पिक शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत इन्टरनेट के माध्यम से घर पर ही सभी छात्र छात्राओं को शिक्षा प्रदान कि जा रही है। इस प्रणाली में लाभ के साथ कुछ दुष्प्रभाव विगत माह में देखने को मिले।

इन्हीं सब परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी संस्था कल्याणं करोति द्वारा यह विचार किया गया कि इस विषम परिस्थिति में मानसिक चेतना को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से उत्साहवर्धन की अति आवश्यकता है। इसी सन्दर्भ में 20 मई २०२१ को १२ से १ बजे तक कल्याणं करोति द्वारा एक ऑनलाइन संगोष्ठी संजीवनी का आयोजन किया गया।

इस संगोष्‍ठी में मुख्य वक्ता डॉ० सागर लवानिया, प्रस‍िद्ध मनोचिकित्सक एवं प्रोफेसर, एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा ने कहा कि किसी लक्ष्य की प्राप्ति अथवा मांग को पूरा करने में जब हम अपने प्रयत्न के पश्चात भी सफल नहीं हो पाते तो हम मानसिक दबाव का अनुभव करते हैं और इस दबाव की अधिकता के परिणामस्वरूप तनाव की स्‍थ‍ित‍ि उत्पन्न होती है। मनुष्य के जीवन में यह तनाव हमेशा हानिकारक नहीं होता, एक सीमा तक यह कार्य को संपन्न करने तथा लक्ष्य की प्राप्ति हेतु हमें प्रेरित भी करता है। अतः हमें यह प्रयास करना चाहिए कि तनाव की मनोस्थिति यथा संभव कम रहे जिससे हमारा जीवन विषमताओं के बीच सुखमय रह सके।

कार्यक्रम का सञ्चालन सहायक प्रोफेसर आकांक्षा यादव ने किया।

कार्यक्रम का समापन संस्था की प्रबंधक ब्रजेश शर्मा ने डॉ० सागर लवानिया का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया।

 

इस ऑनलाइन संगोष्ठी में संस्थान के महासचिव सुनील कुमार शर्मा, विवेक दवे, गौरव अग्रवाल, अमरनाथ चतुर्वेदी, धनञ्जय वशिष्ठ, अभिराम कुशवाहा, राम प्रकाश प्रजापति, उदय प्रताप सिंह, कु. अनुष्का सिंह, बृज किशोर शुक्ला का विशेष योगदान रहा।
– Legend News

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