हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी, यमुना उफान पर

पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से एक बार फिर नदियों का जलस्तर  बढ़ने लगा है। पश्चिमी यूपी के अधिकतर जिलों में मंगलवार देर रात से ही बारिश हो रही है, वहीं बिजनौर में हथिनीकुंड बैराज से आज दोपहर 12 बजे तक एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से यमुना उफान पर है। इससे यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों में भूमिकटान को देखते हुए किसान चिंतित हैं। प्रशासन ने लोगों को यमुना के समीप न जाने की चेतावानी जारी की है।

पहाड़ों पर बारिश जारी होने से यमुना नदी में हथिनीकुंड  बैराज से दोपहर 12 बजे 1 लाख 25 हजार 314 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि सुबह 10  बजे हथिनी कुंड बैराज से 34,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।

शामली में मध्य रात्रि से शुरू हुई मानसूनी बारिश अभी भी जारी है। पूरी यमुना नहर खंड के उप राजस्व अधिकारी अंबुज चौधरी के मुताबिक मंगलवार की रात से लेकर बुधवार सुबह आठ बजे तक 108 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

उन्होंने बताया कि बारिश जारी रहने से शाम तक बारिश का आंकड़ा ज्यादा हो सकता है। बारिश से शहर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया है, एक और रेलवे के अंडर पास जलमग्न हो गए हैं। इस मौसम की 108 एमएम बारिश सबसे ज्यादा रिकॉर्ड की गई है।

यमुना में जलस्तर बढ़ने से कैराना यमुना ब्रिज पर अब तक जलस्तर 228 मीटर 72 सेंटीमीटर नापा गया था, लेकिन यमुना में आज दोपहर 12 बजे छोड़े गए पानी से 24 घंटे में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। बताया गया कि शुक्रवार और शनिवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के समीप पहुंच जाएगा।

लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर भी बढ़ गया है। मेरठ से सटे हस्तिनापुर में भी बारिश के चलते तटबंध टूटने का खतरा बढ़ता जा रहा है। यदि गंगा का जलस्तर और अधिक बढ़ जाता है, तो खादर क्षेत्र की बड़ी आबादी एक बार फिर प्रभावित हो सकती है। तटवर्ती क्षेत्रों के किसान भूमि कटान को रोकने के लिए बल्लियों व मिट्टी से बांध बना रहे हैं, वहीं किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं।
-एजेंसियां

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