वॉलमार्ट के बाजार में आ जाने के बाद Amazon ने बनाई नई रणनीति

गरीब कलाकारों और शिल्पकारों को सेलर बनाने की तैयारी कर रहा है Amazon

भुज। गुजरात के नमक उत्पादक इलाके कच्छ में रहने वाले अब्दुल गफूर खत्री के पास कोई स्मार्टफोन नहीं है। आज तक उन्होंने कभी नेट पर कोई चीज सर्च भी नहीं की। हालांकि अब उन्हें अपने इलाके की लुप्त होती कला रोगन के पुनरुद्धार के लिए इंटरनेट से उम्मीद है। उनके परिवार की बीती 8 पीढ़ियों में यह कला लगातार लुप्त होती गई है। वह कहते हैं, ‘यदि मैं ऑनलाइन सेल करूंगा तो मांग में इजाफा हो सकता है।’

गर्मी की तपती दुपहरी में वह भुज के एक कस्बे में कई दर्जन शिल्पकारों के साथ पहुंचते हैं, जहां ऑनलाइन रिटेल कंपनी ऐमजॉन का वेंचर लगा है। यहां ऐसे शिल्पकारों और कलाकारों को वर्कशॉप दी जा रही है और तकनीक से परे रहने वालों को उसके गुर सिखाए जा रहे हैं।

असल में यह कोई नई क्रांति नहीं है बल्कि कंपनियों के बीच चल रही वैश्विक जंग का गली-नुक्कड़ तक उतर आना है।

वॉलमार्ट ने 16 अरब डॉलर खर्च तक फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण करने पर सहमति जताई है

मुंबई से 15 घंटे की दूरी पर स्थित इस इलाके में Amazon इन लोगों को सप्लायर्स के तौर पर शामिल करने की कोशिश में है ताकि हाल ही में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण करने वाली कंपनी वॉलमार्ट का मुकाबला किया जा सके।

सिखाया जा रहा कैसे ऑनलाइन प्लैटफॉर्म करें यूज
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी वर्कशॉप्स के जरिए Amazon का लक्ष्य यह है कि उन चीजों को ऑनलाइन मुहैया कराया जाए जो अब तक इस प्लैटफॉर्म से परे ही रही हैं। यही नहीं इसके लिए इन लोगों को उनकी ही मातृभाषा जैसे गुजराती में ही सब कुछ सिखाया जा रहा है। इन्हें पेमेंट और रिफंड के बारे में बताया जा रहा है। शादियों के लिए फटॉग्रफी करने वालों से उनकी आर्ट की तस्वीरें ली जा रही हैं। इसके अलावा इंटरनेट कैफे ऑपरेटर्स को सिखाया जा रहा है कि वे कैसे कलाकारों और शिल्पकारों को ऐमजॉन ऐप का इस्तेमाल सिखा सकते हैं। यही नहीं उनकी पेंटिंग और अन्य चीजों को लाने के लिए लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था भी की जा रही है।

सेलर्स के लिए जुड़ना आसान, पेमेंट तभी जब बिकेगा सामान
सुदूर भारत में स्थित इन कलाकारों को बताया जा रहा है कि यदि आप ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर कमाई करना चाहते हैं तो तीन चीजों की जरूरत है, ‘बैंक अकाउंट, टैक्स नंबर और इंटरनेट कनेक्शन।’ इन्हें बताया जा रहा है कि एक बार वे रजिस्टर्ड करा लेंगे तो फिर 40 प्रॉडक्ट्स की फटॉग्रफी मुफ्त में ही होगी। इसके अलावा उनके प्रॉडक्ट्स की ऐमजॉन पर लिस्टिंग भी फ्री होगी। सेलर्स को फीस तभी चुकानी होगी, जब सामान बिक जाएगा। यही वह तरीका है, जिसके जरिए Amazon ने वॉलमार्ट को भारत में पछाड़ने के लिए पहले से तैयारी कर ली है।

-एजेंसी

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