पुरानी Pension बहाली ममला: हड़ताली कर्मचारियों को मुख्य सचिव ने वार्ता के लिए बुलाया

लखनऊ। पुरानी Pension बहाली की मांग को लेकर एक सप्ताह की हड़ताल पर बैठे कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी Pension बहाली मंच को प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने बातचीत के लिए बुलाया है। इसके लिए मुख्य सचिव ने पत्र लिखा है। सम्भावना जताई जा रही है कि इस बैठक में मुद्दे का कुछ समाधान निकल सकता है।

पुरानी Pension बहाली मंच की तरफ से कल मंगलवार शाम को ही कह दिया गया था कि अब समझौते की को गुंजाइश नहीं बची है। सरकार जानबूझकर टकराव को न्योता दे रही है। हम झुकने वाले नहीं हैं।

एस्मा के बावजूद कर्मचारी-शिक्षक व अधिकारी आज से हड़ताल पर, पुरानी Pension बहाली की कर रहे हैं मांग

प्रदेश सरकार के बुधवार से प्रस्तावित एक सप्ताह की महाहड़ताल को गैर कानूनी घोषित कर देने और एस्मा लगा देने के बावजूद कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने पुरानी पेंशन बहाल हुए बिना हड़ताल वापस लेने से इन्कार कर दिया है।

मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने मंगलवार देर रात यहां दावा किया कि अब समझौता की गुंजाइश नहीं है। हड़ताल होकर रहेगी। सरकार जानबूझकर टकराव को न्यौता दे रही है। दमन से कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी झुकने वाले नहीं।

इस बीच, मंच के पदाधिकारियों ने राजधानी सहित प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों पर मंगलवार को मोटर साइकिल रैली निकालकर जन जागरण किया और कर्मचारियों, शिक्षकों तथा अधिकारियों से महाहड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।

मंच ने दावा किया है कि सभी जगह रैली को जबरदस्त समर्थन मिला। सरकार उत्पीड़न से कर्मचारियों, शिक्षकों तथा अधिकारियों की आवाज दबाने से बाज आए एवं न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पुरानी पेंशन बहाल करे।

सरकार टकराव की स्थिति न पैदा करे
मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा, संयोजक हरिकिशोर तिवारी और चेयरमैन संघर्ष समिति शिवबरन सिंह यादव ने जहां साझा बयान जारी कर हड़ताल के लिए सरकार और शासन के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।

चेतावनी दी कि सरकार टकराव की स्थिति न पैदा करे। दमन और उत्पीड़न से किसी की आवाज को लंबे समय तक नहीं दबाया जा सकता। कहा कि मंच छह महीने से लगातार सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहा है।

सरकार के आश्वासन पर मंच ने अक्टूबर में अपनी हड़़ताल स्थगित की थी। मंच को उम्मीद थी कि सरकार ने यदि पुरानी पेंशन बहाली को उच्चस्तरीय समिति गठित की है तो समाधान निकालने पर गंभीर है। पर, सरकार ने अधिकारियों पर सब कुछ छोड़ दिया।

अधिकारियों ने पूरी तरह उदासीनता व निष्क्रियता दिखाई। जिस पर मंच को हड़ताल पर जाने का फिर से फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा। हड़ताल के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है। अपने हक के लिए आंदोलन करना कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों का अधिकार है।
-एजेंसी

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