मनोहर पर्रिकर के विकल्प की आधिकारिक तलाश शुरू

पणजी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लंबे समय से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के विकल्प की आधिकारिक तलाश शुरू कर दी है। पार्टी नेताओं के साथ-साथ सहयोगी साझेदारों ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी। नेतृत्व में बदलाव की सुगबुगाहट ने बीजेपी विधायकों और सभी सहयोगी दलों को संकट में डाल दिया है।
इससे पहले गोवा बीजेपी के अध्यक्ष विनय तेंदुलकर बुधवार देर रात तक दावा कर रहे थे कि पर्रिकर ही गोवा के मुख्यमंत्री के पद पर बने रहेंगे और संभावित विकल्प पर चर्चा का कोई सवाल ही नहीं है।
बता दें कि पर्रिकर लंबे समय से अग्नाशय के कैंसर से जूझ रहे हैं और साथ ही मुख्यमंत्री का दायित्व भी संभाल रहे हैं।
बीजेपी के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘अमित शाह ने दिल्ली में हमारे सहयोगी दलों के नेताओं से बात की है। उन्होंने निकट भविष्य के लिए संभावित नेतृत्व विकल्प पर चर्चा की। अंतिम फैसला राज्य नेतृत्व और पार्टी आला कमान के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा।’
पार्टी के अधिकारी ने कहा, ‘शाह की गोवा फॉरवर्ड पार्टी अध्यक्ष विजय सरदेसाई, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी नेता सुदीन धावलीकर, केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक, विनय तेंदुलकर, विधानसभा अध्यक्ष प्रमोद सावंत और स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री के संभावित विकल्पों के नामों पर चर्चा की गई।’
गुरुवार सुबह शाह से मुलाकात करने वाले सरदेसाई ने भी कहा कि बीजेपी नेतृत्व राज्य में नतेृत्व मुद्दे को लेकर गंभीर है। गोवा के मंत्री विजय सरदेसाई ने दावा किया कि गोवा में लोगों को स्थायी सरकार देने के लिए बीजेपी का शीर्ष नेतृ्त्व गंभीरता से विचार कर रहा है। गुरुवार को दिल्ली में शाह से मिलने के बाद विजय सरदेसाई ने यह दावा किया। सरदेसाई की गोवा फॉरवर्ड पार्टी बीजेपी-नीत सरकार का मुख्य घटक है।
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री ने बताया, ‘मैंने उन्हें (अमित शाह) गोवा के लोगों की आकांक्षाओं के बारे में बताया। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व गोवा में नेतृत्व के मुद्दे और स्थायी सरकार देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हमने लोगों की आकांक्षाओं सहित मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य के बारे में उनके साथ चर्चा की।’ अमित शाह ने मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाले सरकार के मुख्य विधायकों को बुधवार को मिलने के लिए बुलाया था लेकिन इस बैठक का दिन आगे बढ़ाकर गुरुवार कर दिया गया था।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के लंबे समय से अस्वस्थ होने की वजह से गोवा में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। पर्रिकर के निजी आवास पर गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। बीमारी की वजह से मुख्यमंत्री लंबे समय से अपने कार्यालय से बाहर हैं। इस वजह से गोवा की गठबंधन सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। राज्य की विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि सरकार अव्यवस्थित है और दिशाहीन हो गई है। पार्टी विधानसभा में शक्ति परीक्षण की मांग कर रही है।
-एजेंसियां

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