Sankriti university के छात्रों को 8 लाख रुपये तक का आफर

मल्टीनेशनल कम्पनियों का रुख Sankriti university की तरफ

मथुरा। प्लेसमेंट के क्षेत्र में चालू सत्र में सफलता का कीर्तिमान स्थापित करने वाली Sankriti university के छात्र-छात्राओं के लिए 2018-19 का सत्र भी खुशियों भरा पैगाम साबित होने वाला है। इसकी वजह देश-दुनिया की मल्टीनेशनल कम्पनियों का अभी से प्लेसमेंट को लेकर दिखाया जा रहा रुझान है। अब तक दर्जनों कम्पनियां यहां के छात्र-छात्राओं के तकनीकी कौशल से प्रभावित होकर उन्हें रुपये 4.8 लाख से लेकर आठ लाख रुपये सालाना तक का आफर दे चुकी हैं।

ज्ञातव्य है कि चालू सत्र में संस्कृति यूनिवर्सिटी के टेक्निकल शिक्षा के लगभग सभी छात्र-छात्राओं को उच्च पैकेज पर मल्टीनेशनल कम्पनियों में जाब के अवसर मिल चुके हैं। हेड कार्पोरेट रिलेशन आर.के. शर्मा का कहना है कि उद्योग जगत की आवश्यकता को देखते हुए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने अपने छात्र-छात्राओं को कौशलपरक शिक्षा के क्षेत्र में दक्ष करने के लिए शैक्षिक पाठ्यक्रम में आधुनिक टेक्निक और प्रोसेस को समाहित किया है। यहां के छात्र-छात्राओं को निरंतर मल्टीनेशनल कम्पनियों की कार्यप्रणाली को करीब से देखने के लिए शैक्षिक भ्रमण और ट्रेनिंग पर भेजा जाता है, यही वजह है कि वे किसी भी तरह की चुनौती पर सहजता से कामयाबी हासिल कर लेते हैं।

मैनेजर कार्पोरेट रिलेशन तान्या उपाध्याय बताती हैं कि यहां के बीबीए, एमबीए, सीएस, आईटी, ईसीई और ईई के छात्र-छात्राओं की मेधा की मल्टीनेशनल कम्पनियां कायल हैं। हाल ही एक ख्यातिनाम कम्पनी ने यहां के 40 छात्र-छात्राओं को 2.4 से 4.8 लाख के पैकेज पर बिजनेस डेवलपर्स और बिजनेस एनालिस्ट के पदों पर सेवा का आफर दिया है। सुश्री तान्या का कहना है कि आईसीआईसीआई, कोटक महिन्द्रा, माइंड ट्री, राबर्ट्स बास, हीरो मोटर कार्प, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड, सिगाराम साफ्टवेयर टेक्नोलाजी आदि कम्पनियों ने अगले सत्र (वर्ष 2018-19) के लिए अभी से संस्कृति यूनिवर्सिटी में कैम्पस प्लेसमेंट करने को सम्पर्क किया है।

उपकुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगामी बीस वर्षों की एक प्रभावी नीति को दृष्टिगत रखते हुए काम किया जा रहा है। यहां की आधुनिक तकनीकी लैब, स्किल डेवलपमेंट विभाग, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, रोबोटिक शिक्षा, इंटर्नशिप को देखते हुए युवाओं का रुझान निरंतर बढ़ रहा है। तकनीकी मानव संसाधन की आवश्यकता और उसकी पूर्ति के लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी का व्यावसायिक एजेंसियों से भी सीधा करार है। संस्कृति यूनिवर्सिटी ने समय के साथ चलने और इसके लिए जरूरी उपायों को करने में तत्परता एवं अभिरुचि दिखाई है। सच कहें तो तकनीकी शिक्षा को लेकर भी हमारी सोच इन्हीं पहलुओं पर केन्द्रित है। श्री गुप्ता का कहना है कि तकनीकी शिक्षा ऐसा क्षेत्र है जिस पर देश के भविष्य और विकास का बड़ा दारोमदार है, यही वजह है कि Sankriti university युवा पीढ़ी को कौशलपरक शिक्षा के क्षेत्र में दक्ष करने के लिए हर तरह के प्रयास कर रही है।

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