Civil Enclave शि‍फ्टिंग प्रोजेक्‍ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आपत्‍ति दर्ज

आगरा। सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा ने ताज ट्रि‍पेजि‍यम जोन अथार्टी के Civil Enclave की शि‍फ्टिंंग प्रोजेक्‍ट को लेकर प्रदेश सरकार की भूमि‍का की सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश को पूरे संदर्भों सहि‍त जानकारी देकर नागरि‍कों के हक और पर्यटन उद्योग के हि‍त में आपत्‍ति दर्ज करवायी है।

इसकी प्रति एमैक्‍योस क्‍यूरी एम सी मेहता एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट मानीटरिंग कमेटी के सदस्‍य रमन , एयरपोर्ट अथार्टी, सचिव – पर्यावरण, वानिकी और जलवायु परिवर्तन, सचिव– नागरिक उड्डयन, एयरफोर्स के प्रमुख और मंडलायुक्‍त को भी भेजी है।

सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि केन्‍द्र सरकार जेवर में अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के काम को तेजी से अंजाम देने में अपना दायि‍त्‍व सक्रि‍यता से पूरा कर सकती है, वहीं Civil Enclave आगरा को एयरफोर्स स्‍टेशन , खेरि‍या के बीच से हटाकर दो कि मी एरि‍यल डि‍स्‍टेंस पर धनौली, बल्‍हेरा और अभयपुरा गांवों की जमीन पर शि‍फ्ट करने के काम को पांच साल में भी पूरा नहीं कर पाई।

यह तब हुआ है जबकि पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती के कार्यकाल में 2012 को गांवों की जमीन का चि‍न्‍हांकन कर लि‍या गया था तथा पूर्व मुख्‍यमंत्री अखि‍लेश यादव की सपा सरकार ने जमीन खरीदने के लि‍ये धन आवंटि‍त करना शुरू कर दि‍या था। वहीं मौजूदा प्रदेश सरकार जमीन खरीद का पूरा काम कर भारत सरकार के प्राधि‍करण एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडि‍या ( A A I) को हस्‍तांतरि‍त नहीं कर पायी।

यह गैर जि‍म्म्‍मेदाराना काम तब हुआ जबकि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने स्‍वयं आगरा की जनता के सामने वर्ष 2013-14 में आयोजि‍त हुई एक आम सभा में आगरा को इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक दि‍ये जाने का वायदा कि‍या था।

पीएम की दि‍लचस्‍पी होने तथा घोषणा के बावजूद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बनाया जाना तो दूर नया Civil Enclave (शि‍फ्टिं‍ग) तक दे पाने में सरकार असफल साबि‍त हुई है।

सि‍वि‍ल एन्‍कलेव आगरा के शि‍फ्टि‍ग के प्रोजैक्‍ट को अटकाने के पीछे जो कारण सरकार द्वारा आगरा के सुधी नागरि‍कों को सरकार के द्वारा बताये जाते रहे हो कि‍न्‍तु उन पर एतवार कि‍सी ने भी नहीं कि‍या।

इस बार तो हद ही हो गयी। सरकार की ओर से नागरि‍कों को भा्रमक जानकारि‍यों को दि‍ये जाने का काम करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट तक में गलत जानकारी देने का दुसहास कर दि‍खाया गया।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी में सि‍वि‍ल एन्‍कलेव का काम ‘एक दम नया ‘ बताया है, जबकि‍ यह प्रोजेक्‍ट शि‍फ्टि‍ग का है।

यह काम सि‍वि‍ल सोसायटी को भूलचूक में कि‍या नहीं लगा। बल्‍कि यह ताज ट्रि‍पेजि‍यम जोन अथार्टी के कर्त्‍तधरताओं को कृत्‍य ही लगा। जि‍न्‍हें मालूम था कि ताज ट्रि‍पेजि‍यम जोन क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट कि‍सी भी नये प्राजेक्‍ट को शुरू करने की अनुमति नहीं देगा फलस्‍वरूप काम अटक जायेगा।

आगरा सिविल सोसायटी ने अरोप लगाते हुए बताया कि जब टी टी जैड ए के पास यह प्रोजेक्‍ट पहुंचा तो उसके अधि‍कार संपन्‍न अधि‍कारि‍यों खास कर चेयरमैन और सैकेट्री ने यह तक देखे जाने की जरूरत नहीं समझी कि प्रोजेक्‍ट को सि‍वि‍ल एन्‍कलेव शि‍फ्ट करने वाला न दर्शा कर नये प्रोजेक्‍ट के रूप में तैयार कि‍या गया है।टी टी जैड के बाद यह प्रोजेक्‍ट एक नये ग्रीनफील्‍ड प्रोजेक्‍ट के रूप में मौसम परि‍वर्तन ,पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भेज दि‍या गया।

मंत्रालय में इसे जांचे बि‍ना ही सुप्रीम कोर्ट में भेज दि‍या गया। वह तो शुक्र हो कि सम्मानति कोर्ट ने इसे रोका नहीं आपि‍तु ताजमहल पर इससे पडने वालने एन्‍वायरमैंट इंपैक्‍ट की स्‍टैडी के लि‍ये फि‍र से ताज ट्रि‍पेजि‍यम जोन अथार्टी को भेज दि‍या गया है।

संबधि‍त अधि‍कारी और वि‍भागों की सि‍वि‍ल एन्‍कलेव की शि‍फ्टिंग को लेकर जो भूमि‍का अब तक रहती आयी है, उसका यह सबसे अधि‍क प्रमाणि‍क साक्ष्‍य है।

सि‍वि‍ल एन्‍कलेव आगरा वर्तमान में एयरफोर्स स्‍टेशन आगरा के बीच में स्‍थि‍त है, जि‍से वायुसेना के इस महत्‍वपूर्ण एस्‍टैब्‍लि‍शमैंट की सुरक्षा और नागरि‍कों की सुवि‍धा के लि‍ये धनौली में शि‍फट होना नि‍हायत जरूरी है। फि‍र क्‍यों इसकी शि‍फ्टि‍ग को अटकाये रखा जा रहा है।

जैसा कि मीडि‍या के एक सेक्‍शन की रि‍पोर्ट से उजागर है कि इंडि‍यन एयरफोर्स के द्वारा कि‍ये गये एयर स्‍ट्राइक को अंजाम देने वाले मि‍राज वि‍मानों को खरि‍या एयरपोर्ट से उडे रि‍फ्यूलर से ही शत्रु सीमा में पहुंचने से पहले तेल भरा गया था, यही नहीं आकाश मे मार्गदर्शक की भूमि‍का अदा करने वाले अवाक्‍स फि‍टैड आई एल -76 ने भी यही स्‍थि‍त अपने स्‍टैटि‍क फमेंशन से उडान भरी थी। सि‍वि‍ल सोसायटी इस सामरि‍क महत्‍व के हवाई अड्डे की सुरक्षा को कि‍सी भी स्‍मारक की सुरक्षा से ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण मानती है और भारत सरकार से मांग करती है कि राष्‍ट्रीय हि‍त को सर्वपरि मान कर सि‍वि‍ल एन्‍कलेव के शि‍फ्टिंग प्रोजेक्‍ट को यथा संभव तेजी से अंजाम दि‍या जाये।

आगरा सिविल सोसायटी की प्रेस वार्ता को शिरोमणि सिंह, राजीव सक्सेना, ब्रजेश चंद्रा, अनिल शर्मा, भुवनेश श्रोतिया, अभिनय प्रसाद, दयाल कालरा आदि ने संबोधित किया।

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