पादरियों द्वारा यौन शोषण के खिलाफ ऑनलाइन कैम्पेन से अब नन भी जुड़ीं

वेटिकन सिटी। यौन शोषण के खिलाफ शुरू हुए ऑनलाइन कैम्पेन #मी टू से अब नन भी जुड़ गई हैं। दरअसल, अब अपने साथ हुए यौन अपराध पर वे भी खुलकर सामने आई हैं। एक नन ने बताया कि कोई 20 साल पहले यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में इटली के एक पादरी ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। उस वक्त सिस्टर ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र प्रांतीय सुपीरियर और अपने आध्यात्मिक निदेशक से किया था। हालांकि, वह कैथलिक चर्च की गोपनीयता की संस्कृति, उनकी आज्ञापालन के संकल्प, डर और शर्म के कारण वजह से चुप रहीं। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, ‘इसने मेरे अंदर मौजूद बड़े घाव को खोल दिया। मैंने ऐसे दिखाने की कोशिश कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं है।’
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया में ननों के साथ यौन अपराध की घटनाएं सामने आई हैं, जिसने यह दिखाया है कि यह समस्या वैश्विक है। इसकी वजह कैथलिक चर्च में सिस्टर का सेकंड क्लास का दर्जा और इसे चलाने वाले पुरुषों की दासता में काम करना है।
हालांकि, #मी टू कैम्पेन और संबंध में सत्ता का असंतुलन होने पर वयस्क यौन शोषण के शिकार हो सकते हैं, इस बात को सार्वभौमिक रूप से माने जाने के बाद से ननों ने खुद को अभिव्यक्त करने का रास्ता ढूंढ लिया है। चर्च के नेताओं की अकर्मण्यता के कारण अब सिस्टर सार्वजनिक रूप से इस मामले पर बोल रही हैं।
यह मुद्दा मामला बच्चों और वयस्कों के साथ हुए यौन अपराध और साथ ही एक प्रमुख अमेरिकी कार्डिनल थियोडोर मैकार्रिक द्वारा उनके अनुयायियों के यौन उत्पीड़न के बाद से चर्चा में है। ननों के साथ किस हद तक ज्यादती हुई है यह अभी अस्पष्ट है, खासकर वेटिकन के बाहर। पीड़ित अपने उत्पीड़न को लेकर खुलकर नहीं बोल रहे क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका कोई भरोसा नहीं करेगा।
हालांकि, इस सप्ताह आधा दर्जन सिस्टर्स ने चीली में एक धार्मिक सभा के दौरान नेशनल टीवी पर पादरियों और अन्य ननों द्वारा किए गए उत्पीड़न पर खुलकर बोला और यह भी कैसे उनके सीनियर इस पर कुछ नहीं कर रहे। उल्लेखनीय है कि भारत में हाल ही में एक नन ने बिशॉप के खिलाफ रेप का आरोप दर्ज कराया है, जिसके बारे में एक साल पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था।
वेटिकन की कार्यवाही
वेटिकन किस प्रकार ऐसे मामले को देखता है, या पीड़िता का ख्याल रखता है या आरोपी को सजा देता है, इसको लेकर उसने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। वहीं, एक वेटिकन ऑफिसर बताते हैं यह स्थानीय चर्च नेताओं पर है कि वह सिस्टर्स के साथ रेप करने वाले पादरी पर बैन लगा दे, लेकिन अक्सर कोर्ट में चलने वाले मामलों में कोई दंड नहीं मिलता। अधिकारी का कहना है कि चर्चा का ध्यान बच्चों को सुरक्षा देने पर रहता है, लेकिन वयस्क भी उसी प्रकार सुरक्षा पाने के हकदार है।
-एजेंसी

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