नन रेप केस: प्रदर्शनकारी नन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही रद्द

तिरुवनंतपुरम। केरल में नन के साथ रेप के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ प्रदर्शन कर रही सिस्टर पर लिए गए ऐक्शन को चर्च ने वापस ले लिया है। चर्च प्राधिकारियों ने सिस्टर के खिलाफ सभी अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। इसके बाद केरल के वायानाड में जश्न मनाकर फैसले का स्वागत किया गया। इस दौरान सिस्टर लूसी को लोगों ने बधाई दी।
बता दें कि केरल बिशप रेप मामले में सिस्टर लूसी को चर्च से पदमुक्त करने की बात सामने आई थी। इस फैसले पर लूसी ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें निष्कासित करने से पहले चर्च को उनकी गलती बतानी चाहिए थी। कोच्चि में ननों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उसे चर्च की ड्यूटी से दूर रहने के लिए कहा गया था।
नन ने कहा था कि उन्हें मदर सुपीरियर ने मौखिक रूप से सूचित किया है कि वह प्रार्थना कराने और चर्च से संबंधित अन्य ड्यूटी से दूर रहेंगी। पांच ननों ने कोच्चि में केरल हाई कोर्ट के पास 13 दिनों तक प्रदर्शन किया था और एक नन के साथ बलात्कार के आरोपी बिशप की गिरफ्तारी की मांग की थी।
आरोपी बिशप को 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत
उधर आरोपी बिशप को 6 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पीड़िता नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कई बार उनके साथ रेप किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद बिशप ने अपने बचाव में कई तर्क दिए। उन्होंने यहां तक कहा कि उनसे बदला लेने के लिए यह शिकायत की गई है। बिशप ने नन के खिलाफ जांच करने की भी अनुमति मांगी थी।
-एजेंसियां

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