अब संस्कृति विश्वविद्यालय में होगी Unani चिकित्सा की पढ़ाई

छात्र-छात्राएं अंग्रेजी व हिन्दी में भी Unani तालीम हासिल कर सकेंगे तालीमः कुलाधिपति सचिन गुप्ता

ब्रज और मथुरा जनपद के लिए बड़ी उपलब्धिः उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता

मथुरा। ब्रज और मथुरा जनपद में भारतीय चिकित्सा पद्धति को नया आयाम दे रहा संस्कृति विश्वविद्यालय अब छात्र-छात्राओं को यूनानी चिकित्सा शिक्षा भी प्रदान करेगा। संस्कृति विश्वविद्यालय को अब आयुर्वेद के साथ ही यूनानी चिकित्सा शिक्षा देने की अनुमति भी स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग के तहत आने वाली सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन से मिल चुकी है। संस्कृति विश्वविद्यालय को अनुमति मिलने से अब मथुरा जनपद और उसके आसपास के जिलों के छात्र-छात्राओं को चिकित्सा क्षेत्र में यूनानी पद्धति की पढ़ाई के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

एमबीबीएस की होड़ में जुटे युवाओं को अब आयुर्वेद, होम्योपैथिक के साथ ही यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि संस्कृति विश्वविद्यालय भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। अभी तक मथुरा जनपद में यूनानी चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था न होने से छात्र-छात्राओं को दूर-दराज जाकर पढ़ाई करने होती थी। मथुरा जिले के लिए यह खुशी की बात है कि सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन की अनुमति के बाद अब छात्र-छात्राएं संस्कृति विश्वविद्यालय में ही यूनानी चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई उर्दू के साथ ही हिन्दी और अंग्रेजी में भी कर सकेंगे।

संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता का कहना है कि भारतीय चिकित्सा पद्धति में अपना करियर संवारने का सपना देख रहे युवा अब एक ही जगह आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई कर सकेंगे। श्री गुप्ता का कहना है कि केन्द्र सरकार विलुप्त होती यूनानी चिकित्सा पद्धति के लिए सराहनीय प्रयास कर रही है। संस्कृति विश्वविद्यालय को यूनानी चिकित्सा शिक्षा की अनुमति मिलना मथुरा जनपद के लिए खुशी की बात है। अब छात्र-छात्राएं यहां उर्दू के साथ ही अंग्रेजी और हिन्दी में भी यूनानी चिकित्सा की पढ़ाई कर सकेंगे।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति विश्वविद्यालय को यूनानी चिकित्सा शिक्षा की अनुमति मिलना मथुरा ही नहीं समूचे ब्रज मण्डल के लिए गौरव की बात है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक नगरी मथुरा में भारतीय चिकित्सा पद्धति का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार हो ताकि यहां के युवा भी देश भर में अपनी काबिलियत का परिचय दे सकें।