अब हवाई यात्रा को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं भारत के लोग

देश में लोग परिवहन के स्रोतों में अब हवाई यात्रा को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। हवाई यात्रा अब बस और रेल यात्रा पर भारी पड़ने लगी है। खासकर लंबी दूरी के लिए लोग अब रेल या बस की जगह हवाई यात्रा का विकल्प चुन रहे हैं। देश में तो हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ ही रही है, विदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। जानकर आश्चर्य होगा कि 71,000 हजार भारतीय रोजाना विदेश के लिए उड़ान भरते हैं।
भारत के सकल घरेलू उत्पाद ( GDP) में यात्रा और पर्यटन की हिस्सेदारी लगभग 10% है, जिसकी तुलना यूरोप के विकसित देशों से की जा सकती है। बेन ऐंड को तथा गूगल ने अपने अध्ययन में इसका खुलासा किया है कि भारतीय कहां-कहां की यात्रा करते हैं और इस दौरान कितना खर्च करते हैं।
3 साल में 40 करोड़ बढ़े घरेलू विमान यात्री
साल 2015-18 के बीच घरेलू विमान यात्रियों की संख्या में 40 करोड़ का इजाफा दर्ज किया गया। साल 2015 में घरेलू विमान यात्रियों का आंकड़ा 1.4 अरब था, जो 2018 में बढ़कर 1.8 अरब पर पहुंच गया। वहीं, विदेश जाने वाले भारतीय यात्रियों की संख्या में भी जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2015-18 के बीच विदेश यात्रा करने वाले भारतीय की संख्या में 60 लाख की वृद्धि दर्ज की गई है। 2015 में दो करोड़ भारतीयों ने विदेश यात्रा की, जबकि 2018 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.6 करोड़ हो गया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि 71,000 भारतीय रोजाना विदेश यात्रा कर रहे हैं।
हवाई यात्रा पर खर्च आठ गुना बढ़ा
आलम यह है कि रेल की तुलना में हवाई यात्रा पर खर्च में आठ गुना वृद्धि देखी गई है।
2015-18 की ही अवधि में रेल यात्रा की तुलना में हवाई यात्रा में आठ गुने की वृद्धि दर्ज की गई है।
भारतीय विमानन उद्योग दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले विमानन उद्योग में से एक है। पिछले चार वर्षों में भारत में 10 नए हवाईअड्डे शुरू हुए हैं।
साल 2017-18 के दौरान उड़ान की लागत में 18 फीसदी की कमी आई है।
रेल यात्रियों की संख्या में वृद्धि कुछ खास नहीं है और लंबी यात्राओं के लिए लोग अब रेल की जगह हवाईजहाज को तवज्जो देने लगे हैं।
मनोरंजन से ज्यादा शॉपिंग को तवज्जो
यात्राओं के दौरान होने वाला लगभग आधा खर्च शॉपिंग के खाते में जाता है, जबकि महज पांचवां हिस्सा ही मनोरंजन के साधनों पर खर्च होता है।
घरेलू यात्री अपने परिजनों और मित्रों के घर रुककर खाने पर होने वाले खर्च को बचा लेते हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के दौरान खाने में होने वाला खर्च सालाना 10% की दर से बढ़ रहा है।
2018 में यात्रा पर 6.58 लाख करोड़ रुपये (94 अरब डॉलर) खर्च
साल 2018 में यात्रा (ट्रांसपोर्ट, लॉजिंग और कंजम्प्शन) पर 6.58 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।
जीडीपी में यात्रा और पर्यटन सातवां सबसे बड़ा हिस्सेदार है और साल 2018 में यह 9.4% रहा, जबकि साल 2013 में -यह आंकड़ा 6.7 फीसदी था। 2018 में जीडीपी में ट्रैवल ऐंड टूरिज्म की हिस्सेदारी ब्रिटेन जैसे विकसित देशों के बराबर है। ब्रिटेन की जीडीपी में ट्रैवल ऐंड टूरिज्म की हिस्सेदारी 10.5% है।
भारतीय यात्रा एवं पर्यटन बाजार के साल 2021 में 13% बढ़कर लगभग 9.52 लाख करोड़ रुपये (136 अरब डॉलर) का हो जाने की उम्मीद है।
सबसे ज्यादा पर्यटक दक्षिण भारत पहुंचे
दक्षिण भारत के तमिलनाडु जैसे राज्य में सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचे, जो धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद अहम प्रदेश है।
उत्तर प्रदेश ने अपने पर्यटन क्षेत्र को विकसित किया है।
-एजेंसियां

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