EVM पर अब विपक्ष का नया आरोप: अदला-अदली की आशंका जताई, चुनाव आयोग ने सभी आरोप निराधार बताए

नई दिल्‍ली। देशभर में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर व‍िपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने EVM पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के आरोपों पर अब चुनाव आयोग ने सिलसिलेवार तरीके से जवाब दिया है।
लोकसभा चुनाव परिणाम से ठीक पहले विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और सत्‍तारूढ़ बीजेपी पर हमले तेज कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सोमवार देर रात EVM बदलने का आरोप लगाते हुए बीएसपी प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने अपने सैकड़ों समर्थकों संग पहुंचकर धरना दिया। आरजेडी नेता राबड़ी देवी, पीडीपी अध्‍यक्ष महबूबा मुफ्ती, आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह समेत कई विपक्षी दलों ने ईवीएम और उसकी सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
इस बीच चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर हरेक घटना पर अपना पक्ष रखा है। आइए जानते हैं, किस जगह पर क्‍या है विवाद और चुनाव आयोग का जवाब…..
गाजीपुर
यूपी के गाजीपुर के जंगीपुर में बने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सोमवार की देर शाम गठबंधन प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंच गए ओर धरना दिया। जिला प्रशासन और पुलिस के काफी समझाने पर भी वह नहीं माने और EVM की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जिला प्रशासन पर भरोसा नहीं है। उनके लोग खुद मशीन की निगरानी करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चंदौली में भी EVM बदलने की कोशिश हुई है। इस दौरान उनकी एसडीएम सदर और सीओ से तीखी बहस भी हो गई। अफजाल अंसारी के आरोपों पर अब चुनाव आयोग ने सफाई दी है।
चुनाव आयोग ने कहा, ‘गाजीपुर में प्रत्‍याशी के मतदान में इस्‍तेमाल EVM की निगरानी करने का मुद्दा था जिसे आयोग के दिशा-निर्देशों को बताकर सुलझा लिया गया है।’ इस बीच गाजीपुर के डीएम के बालाजी ने भी चुनाव आयोग को भेजे अपने जवाब में पूरे विवाद के लिए अफजाल अंसारी को जिम्‍मेदार ठहराया गया है। उन्‍होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्‍पष्‍ट व्‍यवस्‍था है कि प्रत्‍येक प्रत्‍याशी अपने प्रतिनिधियों को स्‍ट्रॉन्‍ग रूम की निगरानी के लिए तैनात कर सकते हैं।
डीएम ने कहा कि इसका हवाला देकर अंसारी की ओर से पहले पांच-पांच प्रतिनिधि, फिर तीन-तीन और बाद में दो प्रतिनिधियों को आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तैनात करने की मांग की गई। डीएम बालाजी ने बताया कि स्‍ट्रॉन्‍ग रूम में भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए अंसारी से एक प्रतिनिधि ही रखने के लिए कहा गया जिसे काफी समझाने के बाद वह मान गए।
चंदौली
चंदौली में सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र की रिजर्व EVM को स्थानीय मंडी समिति में रखने को लेकर गठबंधन और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। यहां विधायक प्रभुनारायण यादव समेत तमाम नेता धरने पर बैठ गए। उन्होंने जिला प्रशासन पर EVM बदलने की साजिश रचने का आरोप लगाया। विवाद के बाद मशीनों को कलेक्‍ट्रेट में रख दिया गया। इस पूरे विवाद पर अब चुनाव आयोग ने अपनी सफाई दी है।
चुनाव आयोग ने कहा, ‘ईवीएम को लेकर कुछ लोगों ने बहुत हल्‍के किस्‍म के आरोप लगाए थे। EVM पूरी सुरक्षा में हैं और सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया है।’ चंदौली के जिलाधिकारी ने भी बयान जारी कर कहा कि रिजर्व मशीनों को रखे जाने के बारे में सभी दलों को पहले से सूचना दे दी गई थी, इसके बाद भी समाजवादी पार्टी के लोगों ने हंगामा किया। रिजर्व मशीनों को रखे जाने के दौरान कोई अनियमितता नहीं बरती गई और पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया। उन्‍होंने कहा कि EVM की सुरक्षा पर अब एसपी के जिलाध्‍यक्ष भी संतुष्‍ट हैं।
डुमरियागंज
यूपी के डुमरियागंज में भी रिजर्व ईवीएम को दूसरी जगह ले जाए जाने पर विवाद हो गया। डुमरियागंज में जब रिजर्व ईवीएम को दूसरी जगह ले जाया जा रहा था तो विभिन्‍न पार्टियों के प्रत्‍याशियों और उनके समर्थकों ने इस पर सवाल उठाया। इस दौरान तहसीलदार इटवा उनके सवालों का संतोषजनक उत्‍तर न दे सके। इसके बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन के कार्यकर्ता नाराज हो गए। बाद में आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्‍होंने नाराज प्रत्‍याशियों और उनके समर्थकों को स्‍ट्रॉन्‍ग रूम ले जाया गया और उन्‍हें EVM की सुरक्षा दिखाई गई। इस संबंध में चुनाव आयोग ने कहा, ‘ईवीएम पूरी सुरक्षा में हैं और प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। विरोध-प्रदर्शन अनावश्‍यक था। प्रदर्शनकारियों को डीएम और एसपी ने समझाया है। अब यह मामला सुलझ गया है।
झांसी
झांसी में रिजर्व और खराब ईवीएम को दूसरी जगह ले जाए जाने के दौरान विवाद हो गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि ईवीएम को बदला जा रहा है। इस मसले पर अब चुनाव आयोग ने अपनी सफाई दी है। आयोग ने कहा कि झांसी में ईवीएम को पूरी सुरक्षा में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए राजनीतिक दलों के प्रत्‍याशियों की मौजूदगी में रखा गया है। अब यह मुद्दा सुलझ गया है। बता दें कि झांसी में जिन लोगों ने ईवीएम के बदले जाने की शिकायत की थी कि उनको EVM को चेक करके दिखाया भी गया।
चुनाव आयोग ने कहा कि इन सभी मामलों में चुनाव में इस्‍तेमाल वीवीपैट और ईवीएम सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों के सामने ही पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए सील की गई है। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। जिन जगहों पर इन्‍हें रखा गया है, वहां पर सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है। सीआरपीएफ मशीनों की सुरक्षा कर रही है। प्रत्‍याशी स्‍ट्रॉन्‍ग रूम को देख सकते हैं और 24 घंटे वहां पर अपने प्रतिनिधि एजेंट रख सकते हैं। आयोग ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं।
राबड़ी देवी ने मांगा जवाब
बता दें कि ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विपक्ष सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने कहा, ‘ देशभर के स्‍ट्रॉन्‍ग रूम के आसपास EVM की बरामदगी हो रही है। ट्रकों और निजी वाहनों में ईवीएम पकड़ी जा रही है। ये कहां से आ रही है, कहां जा रही है? कब, क्यों, कौन और किसलिए इन्हें ले जा रहा है? क्या यह पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है? चुनाव आयोग को अतिशीघ्र स्पष्ट करना चाहिए।’
महबूबा बोलीं, ईवीएम से छेड़छाड़ होगा एक और बालाकोट
इस बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी ईवीएम को लेकर आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि EVM से छेड़छाड़ एक और बालाकोट जैसा है। यही नहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि EVM में छेड़छाड़ की नहीं बल्कि अदला-बदली की आशंका है।
-एजेंसियां

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