अब हेरिटेज होटल में तब्दील होने लगी हैं लखनऊ की हवेलियां

राजस्थान के महलों की तरह अब राजधानी की हवेलियां भी हेरिटेज होटल में तब्दील होने लगी हैं। इसकी शुरुआत हुई है, कश्मीरी बाग में मौजूद बक्शी हवेली से।
प्रदेश की नई पर्यटन नीति के तहत इसे लखनऊ के पहले हेरिटेज होटल का तमगा मिला है। राजधानी में इसी महीने हुए डिफेंस एक्सपो के दौरान कई विदेशी मेहमानों के ठहरने के लिए इसी हेरिटेज होटल में इंतजाम किए गए थे।
यहां स्थानीय नहीं कर सकते बुकिंग
बक्शी हवेली करीब 128 साल पुरानी है। इसका निर्माण पं. राजा राम नारायण बक्शी ने साल 1892 में करवाया था। उस वक्त यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम करने आते थे। पास में एक तालाब भी हुआ करता था। प्रदेश की नई पर्यटन नीति के तहत अब इसे होटल में बदल दिया गया है। खास बात यह है कि इस होटल में स्थानीय लोगों की बुकिंग स्वीकार नहीं की जाती। बक्शी परिवार के राजीव बक्शी ने बताया कि इस होटल में कुल पांच कमरे हैं। नवंबर से यहां पर्यटकों का आना शुरू हो चुका है। अभी तक यहां देश के कई शहरों के अलावा चीन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से भी पर्यटक आए हैं।
नई नीति का असर
प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने साल 2018 में नई नीति बनाई थी। इसमें हेरिटेज होटल के भी नियम तय किए गए हैं।
नियमों के मुताबिक साल 1950 से पहले बनी किसी भी इमारत में खुलने वाले होटल को हेरिटेज का दर्जा मिल सकता है। यही नहीं, कमरों के हिसाब से हेरिटेज होटल की श्रेणी भी तय है। 5 कमरे तक के होटल को हेरिटेज, 15 कमरे या इससे ज्यादा होने पर क्लासिक और 25 कमरे या इससे ज्यादा होने पर ग्रैंड हेरिटेज होटल का दर्जा मिलेगा।
बनेंगे दो नए बजट होटल
नई पर्यटन नीति के तहत सुलतानपुर रोड पर दो बजट होटल बनाने के लिए विभाग को आवेदन मिले हैं। पर्यटन अधिकारी गय्यूर अहमद ने बताया कि नीति के तहत सभी शर्ते पूरी होने पर बजट होटल शिमला कॉटेज और सोनी होटल का निर्माण किया जाएगा। 20 कमरों के होटल में बैंक्वेट हॉल, कैफेटेरिया और स्विमिंग पूल समेत कई सुविधा होंगी।
-एजेंसियां

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