अब जो चैनल पसंद हों, उन्‍हें ही देखिए और सिर्फ उन्‍हीं का पैसा दीजिए

नई दिल्ली। जो चैनल देखिए सिर्फ उसका ही पैसा दीजिए। सालों पहले डायरेक्ट टु होम (डीटीएच) सर्विस अपनाने को प्रेरित करने के लिए दर्शकों से यह बात कही गई थी लेकिन एंटरटेनमेंट, किड्स, नॉलेज, स्पोर्ट्स जैसे पैक्स को चुनने के बाद उपभोक्ताओं के लिए यह पहले से महंगा साबित हो गया। हालांकि, टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सभी मल्टि सर्विस ऑपरेटर्स (MSOs) और लोकल केबल ऑपरेटर्स (LCOs) को 29 दिसंबर से नया टैरिफ सिस्टम लागू करने का आदेश दिया है।
क्या है नया सिस्टम?
ट्राई की ओर से कहा गया है कि नए सिस्टम में उपभोक्ताओं पर टीवी चैनल थोपे नहीं जा सकते हैं, बल्कि उन्हें केवल उन्हीं टीवी चैनलों को चुनने की आजादी होगी, जिन्हें वे देखना चाहते हैं और उसी के मुताबिक भुगतान भी करना होगा। सभी चैनल अलग-अलग और बुके के रूप में उपलब्ध होंगे, जिन्हें उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार चुन सकता है। इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) के जरिए टीवी स्क्रीन पर हर चैनल की MRP लिखी होगी। कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर ब्रॉडकास्टर की ओर से तय कीमत से अधिक नहीं ले सकता है।
हर महीने कितना खर्च?
नेटवर्क कपैसिटी फीस के रूप में ग्राहकों को हर महीने 100 चैनलों के लिए अधिकतम 130 रुपये देना होगा। यदि आप 100 से अधिक चैनल देखते हैं तो (हालांकि ऐसे ग्राहकों की संख्या महज 10-15 फीसदी है) अगले 25 चैनलों के लिए 20 रुपये अतिरक्त देने होंगे। इसके अलावा आप जो पे चैनल्स चुनेंगे उनकी तय कीमतें जुड़ जाएंगी। TRAI की ओर से चैनलों की प्राइस रेंज 1 से 19 रुपये के बीच तय है।
मुफ्त भी मिलेंगे चैनल?
TRAI ने सभी सेवा प्रदाताओं से कहा है कि ग्राहकों को फ्री टु एयर (FTA) चैनल पूरी तरह मुफ्त दिखाने होंगे। इनके लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता है। हालांकि, सभी FTA चैनल देना अनिवार्य नहीं है, यह उपभोक्ता पर निर्भर करता है कि वह किस-किस चैनल को चुनता है। दूरदर्शन के सभी चैनल दिखाना अनिवार्य है।
130 रुपये में सिर्फ FTA चैनल मिलेंगे?
130 रुपये के नेटवर्क कैपिसिटी फीस में FTA चैनल या पे चैनल या फिर दोनों शामिल होंगे। 130 रुपये में आप पसंदीदा FTA चैनल्स चुन सकते हैं, लेकिन पे चैनल्स के लिए आपको अतिरिक्त खर्च करना होगा।
पहले से सस्ता या महंगा?
वैसे तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने और कौन-कौन से चैनल अपने लिए चुनते हैं, लेकिन यदि आप कुछ चुनिंदा चैनलों के ही दर्शक हैं तो आपका खर्च निश्चित तौर पर कम होने जा रहा है। TRAI ने कहा है कि बीएआरसी द्वारा दिए गए दर्शकों के पैटर्न के अनुसार 80 प्रतिशत उपभोक्ता या तो 40 या उससे कम चैनलों को देखते या खंगालते हैं। इसके यदि कोई उपभोक्ता सावधानीपूर्वक अपने परिवार की पूरी आवश्यकता के लिए चैनल चुनता है, तो उसे हर महीने मौजूदा कीमत से कम भुगतान करना होगा।
कैसे चुनेंगे चैनल?
सभी केबल और डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा गया कि वे उपभोक्ताओं को वेबसाइट के जरिए चैनल चुनने और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराएं। वेबसाइट पर चैनलों की लिस्ट कीमत के साथ उपलब्ध होगी। इसके अलावा कॉल सेंटर के जरिए भी उपभोक्ता चैनल चुन पाएंगे।
ऑपरेटर्स पैकेज ऑफर नहीं करेंगे?
इस सवाल के जवाब में TRAI के अडवाइजर अरविंद कुमार ने कहा है कि नए सिस्टम का मूल विचार ग्राहकों को ‘चुनने का अधिकार’ देना है। यदि LCOs और उपभोक्ता किसी पैक पर समहत हैं तो कोई समस्या नहीं है।
सभी ऑपरेटर्स के लिए कीमत एक ही होगी?
जी हां, सभी प्रसारकों द्वारा चैनलों की घोषित एमआरपी प्रत्येक वितरण प्लैटफॉर्म पर समान होगी। यानी दो अलग सर्विस प्रोवाइडर्स के उपभोक्ता एक जैसे चैनल देख रहे हैं तो उनका भुगतान भी एक जैसा ही होगा।
-एजेंसियां

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