अब महबूबा मुफ्ती भी बताने लगीं “हिंदुत्‍व” की परिभाषा

हिंदुत्व को लेकर सलमान खुर्शीद और राहुल गांधी के बयानों पर जहां बीजेपी हमलावर है, वहीं महबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस नेताओं के बयानों का समर्थन किया है। हालांकि हिंदुत्व पर खुर्शीद की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद आपत्ति जता चुके हैं।
महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘हिंदुत्व कभी सांप्रदायिकता को बढ़ावा नहीं देता। यह RSS, जन संघ और BJP है जो देश में लोगों को लड़ाना चाहती है। उन्होंने हिंदुत्व को हाईजैक कर लिया है, उन्हें लगता है कि हिंदुत्व और हिंदू धर्म का मतलब BJP और RSS है, जो की नहीं है। BJP और RSS जो लोगों को पढ़ाना चाहते हैं, वह ना तो हिंदू धर्म है और ना ही हिंदुत्व। जो सांप्रदायिक पार्टी हैं, उनकी तुलना आतंकी संगठनों के साथ की जा सकती है। जो धर्म के नाम पर लिंचिंग करते हैं, उनकी तुलना ISIS क्या किसी भी आतंकवादी संगठन से कर सकते हैं।’
दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की हिंदुत्व को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हराम जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों से किए जाने पर भड़के हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को दिल्ली में खुर्शीद के घर के बाहर प्रदर्शन किया। हिंदुत्व को लेकर खुर्शीद और राहुल गांधी के बयानों पर जहां बीजेपी हमलावर है, वहीं महबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस नेताओं के बयानों का समर्थन किया है।
हिंदुत्व और हिंदू को अलग-अलग बताने के राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस की नीति ही फूट डालों और राज करो की है। पटेल ने कहा, ‘कांग्रेस की नीति का हिस्सा है फूट डालो राज करो। वे भूल जाते हैं हिंदुत्व, राम, भारतीय संस्कृति हो उसकी उदारता की ठेकेदार कांग्रेस नहीं हो सकती। मैं राहुल गांधी से पूछूं गांधी और गांधीवाद में अंतर ढूंढे, वे नहीं ढूंढ पाएंगे।’
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तो कांग्रेस पर देश में तनाव फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया है। खुर्शीद की नई किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ में हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस से किए जाने पर नकवी ने कहा, ‘कांग्रेस और उनके नेताओं का इरादा ही है कि देश में कैसे तनाव पैदा किया जाए लेकिन उन्हें एहसास हो गया है कि देश की जनता परिपक्व है। मुझे नहीं लगता कि इस तरह के इरादे और तनाव से लोग प्रभावित होने वाले हैं।’
-एजेंसियां

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