अब शहर में रात 9 बजे बाद और ग्रामीण इलाकों में शाम 6 बजे बाद ATM में नहीं डलेगा कैश

नई दिल्‍ली। सरकार ने आखिरकार ATM से संबंधित नियमों को जारी कर दिया है। इनमें कहा गया है कि शहरी इलाकों में रात 9 बजे के बाद ATM में कैश नहीं भरा जाएगा और एक कैश वैन में सिंगल ट्रिप में 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं रहेंगे। इसके अलावा कैश वैन पर तैनात कर्मचारियों को हमले, अपराधियों के वीइकल का पीछा करने और अन्य खतरों से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश
होम मिनिस्ट्री की ओर से जारी ऑर्डर में कहा गया है कि कैश ट्रांसपॉर्टेशन से जुड़े सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच के लिए उनका आधार वेरिफिकेशन भी कराना होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बना अलग नियम
नियमों में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शाम 6 बजे के बाद किसी ATM में कैश नहीं भरा जाएगा और एक ATM में लोड करने के लिए कैश को पिछले दिन या दिन की शुरुआत में बैंक से कलेक्ट किया जाएगा जिससे कैश भरने का काम निर्धारित समयसीमा से पहले किया जा सके।
कैश वैनों को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदम
सभी कैश वैन में GSM बेस्ड ऑटो-डायलर के साथ सिक्यॉरिटी अलार्म और मोटराइज्ड सायरन लगाए जाएंगे। सिक्यॉरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) के मैनेजिंग डायरेक्टर और फिक्की की प्राइवेट सिक्यॉरिटी पर कमिटी के चेयरमैन, रितुराज सिन्हा ने कहा, ‘ये निश्चित तौर पर इंडस्ट्री को बदलने वाले नियम हैं और हम इनके लिए काफी समय से इंतजार कर रहे थे। नए नियमों से कैश लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में सुरक्षित चलनों और ग्लोबल स्टैंडर्ड को सुनिश्चित किया जा सकेगा।’
कर्मचारियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
सभी कैश वैन में अब CCTV, लाइव GPS ट्रैकिंग और बंदूकों के साथ कम से कम दो सिक्यॉरिटी गार्ड जरूरी होंगे। सिक्यॉरिटी गार्ड की बंदूकों से दो वर्ष में कम से कम एक बार टेस्ट फायरिंग की जाएगी और इनकी बुलेट प्रत्येक दो वर्षों में बदली जाएंगी। कैश ट्रांसपॉर्टेशन से जुड़े कर्मचारियों की ट्रेनिंग के लिए विशेष प्रोविजन किए गए हैं। इनमें कैश वैन का वीइकल में बैठे अपराधियों की ओर से पीछा करना, हमले, अपराधियों को भगाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करना और मुश्किल वाली स्थिति से कैश वैन को सुरक्षित निकालने जैसी स्थितियों के लिए ट्रेनिंग शामिल होगी।
कैश वॉल्ट भी हुए नए नियमों में शामिल
नियमों में उन कैश वॉल्ट को भी शामिल किया गया है जिनका इस्तेमाल कंपनियां कैश को ATM में ले जाने से पहले रखने और गिनती करने के लिए करती हैं। इन वॉल्ट की CCTV के जरिए निगरानी की जाएगी और इन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा। प्राइवेट सिक्यॉरिटी एजेंसी प्रत्येक कर्मचारी की क्रेडिट हिस्ट्री की भी जांच करेगी। इससे डिफॉल्ट करने वाले लोगों को कैश ट्रांसपॉर्टेशन ऐक्टिविटी से दूर रखना सुनिश्चित किया जा सकेगा।
-एजेंसी

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