अब चीन ने कहा, 2019 के चुनावों में भी BJP को ही मिलेगी जीत

Now China also said, will get victory only BJP in the elections of 2019पेइचिंग। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में BJP को मिली जीत की चर्चा भारत से बाहर उसके पड़ोसी देशों में भी पहुंच गई है। BJP की इस जीत पर चीनी मीडिया की भी नजर है।
चीन के अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के मुताबिक BJP को इतनी बड़ी जीत मिलने से प्रधानमंत्री मोदी की स्थिति मजबूत हुई है और इसका फायदा भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी होगा। अखबार ने लिखा है कि इस जीत के बाद भारत अन्य देशों के साथ जुड़े अपने विवादों को सुलझाने के लिए आसानी से कोई समझौता नहीं करना चाहेगा। इस लेख में भारत-चीन के आपसी रिश्तों पर UP-उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में BJP को मिली इस जीत के असर का विश्लेषण किया गया है।
ग्लोबल टाइम्स चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का अखबार है, जिसका फोकस विदेशी मामलों पर होता है। गुरुवार को अखबार में छपे एक लेख में कहा गया है कि BJP की जीत का मतलब है कि अब अंतर्राष्ट्रीय विवादों में भारत के साथ किसी तरह का समझौता करने में ज्यादा परेशानी पेश आएगी। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, ‘भारत के आंतरिक मामलों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर PM मोदी का सख्त बर्ताव BJP को मिली जीतों के कारण और कठोर होता जाएगा।’ इस लेख में अनुमान जताया गया है कि भारत में आयोजित होने वाले 2019 के लोकसभा चुनावों में भी BJP को ही जीत मिलेगी।
भारत के पुराने बर्ताव में बदलाव लाए हैं मोदी
गलोबल टाइम्स ने लिखा है, ‘अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखें, तो प्रधानमंत्री मोदी भारत के पुराने बर्ताव में बदलाव लाए हैं। पहले भारत किसी को भी नाराज नहीं करना चाहता था लेकिन अब वह अपने हितों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के लिए बाकी देशों के साथ जुड़े विवादों में भी साफगोई से अपना पक्ष रखता है। अगर मोदी अगला चुनाव जीतते हैं, तो भारत का मौजूदा सख्त और कठोर रवैया जारी रहेगा। इस जीत के साथ ही PM मोदी और मजबूत हुए हैं। इसका मतलब है कि बाकी देशों के साथ जुड़े विवादों में भारत मुश्किल से ही कोई समझौता करेगा।’
ग्लोबल टाइम्स ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत-चीन सीमा पर जवानों के साथ दिवाली का त्योहार मनाए जाने के प्रसंग का भी जिक्र किया है।
अखबार ने लिखा, ‘सख्त रुख दिखा रहे हैं PM मोदी’
इस लेख में आगे कहा गया है, ‘पेइचिंग और नई दिल्ली के आपसी सीमा विवादों को ही देखिए। अभी तक इस संबंध में कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आई है। मोदी ने भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों के साथ भारत के सबसे बड़े त्योहार दिवाली को मनाकर इस सीमा विवाद पर अपने सख्त रुख का परिचय दिया।’ लेख में आगे कहा गया है, ‘PM मोदी ने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा संबंधों को और मजबूत किया। उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र को फिर से संतुलित करने की अमेरिकी नीति को समर्थन दिया। दक्षिणी चीन सागर विवाद पर भी उन्होंने अमेरिका के पक्ष का समर्थन किया।’
मोदी के कार्यकाल में आपसी विवादों का हल निकलने की उम्मीद जताई
BJP और मोदी को हार्ड लाइनर्स बताते हुए इस लेख में आगे कहा गया है, ‘जमीन पर ये हार्ड लाइनर्स भले ही लचीले ना दिखें, लेकिन एक बार जब ये अपना मन बना लेते हैं तो अपनी योग्यता और काबिलियत के बूते किसी मुद्दे पर समझौता करने में भी दृढ़ता दिखाते हैं। हमें उम्मीद है कि मोदी के कार्यकाल में सीमा विवाद सहित तमाम आपसी मतभेदों को सुलझाया जा सकता है, बशर्ते दोनों पक्ष इसके लिए राजी हों।’
-एजेंसी

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