आम्रपाली के सीएमडी और तीन निदेशकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न अदालती आदेशों का उल्लंघन करने पर गुरुवार को आम्रपाली समूह के सीएमडी और तीन निदेशकों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी करके उनसे चार सप्ताह में जवाब मांगा है। जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने तीनों निदेशकों से नोएडा सेक्टर 62 के थाना प्रभारी (एसएचओ) के समक्ष शुक्रवार सुबह आठ बजे से पहले पेश होने को कहा। पीठ ने नोएडा पुलिस को इन तीनों को सील की गई संपत्तियों पर ले जाने का निर्देश दिया जहां समूह की कंपनियों के दस्तावेजों को सूचीबद्ध किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि दस्तावेजों को सूचीबद्ध करने के लिए आम्रपाली समूह की नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित सील की गईं संपत्तियों को अगले 15 दिन तक सुबह आठ से शाम छह बजे तक खोला जाएगा। इससे पहले समूह ने शीर्ष अदालत को बताया था कि अदालत के आदेश के अनुरूप नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बिहार के बक्सर तथा राजगीर में उनकी नौ संपत्तियों को सील किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के एसएसपी को आदेश दिया कि वह शाम छह बजे के बाद आम्रपाली के तीनों निदेशकों को होटल पार्क ऐक्सेंट ले जाएं, जहां सभी निदेशक अगले 15 रातों तक रहेंगे। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह सभी निदेशकों के मोबाइल फोन जब्त कर ले।
शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि सभी निदेशक पर नजरबंदी के दौरान भी निगरानी रहेगी। आम्रपाली रियल एस्टेट ग्रुप के डायरेक्टर्स अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया और अजय कुमार को पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। आपको बता दें कि आम्रपाली ग्रुप के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स के चलते बड़ी संख्या में निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आम्रपाली ग्रुप की नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित 7 प्रॉपर्टीज को सील करने का निर्देश दिया था। इन जगहों पर ही इसकी 46 ग्रुप कंपनियों के दस्तावेज रखे हैं। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इसके अलावा बिहार के राजगीर और बक्सर स्थित दो प्रॉपर्टीज को भी सील करने का निर्देश दिया है। इन प्रॉपर्टीज की चाभी सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के पास रखे का आदेश दिया गया था।
-एजेंसियां

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