ढाई गुना तक ज्यादा फीस वसूलने वाले प्रदेश के सात निजी मेडिकल कॉलेजों को शासन से नोटिस

लखनऊ। निर्धारित फीस से ढाई गुना तक ज्यादा फीस वसूलने वाले प्रदेश के सात निजी मेडिकल कॉलेजों शासन ने नोटिस दिया है। दरअसल, कई कॉलेजों में तय फीस से ज्यादा वसूली किए जाने की शिकायतें आई थीं। बाराबंकी के हिंद मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा शिकायतें आने पर जिला प्रशासन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाकर जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
यूजीसी नीट की दूसरी काउंसलिंग के दाखिलों की कल (सोमवार को) आखिरी तारीख थी। ज्यादा फीस वसूले जाने की शिकायतों पर एक दिन पहले ही मैजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी और दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए थे। इन नंबरों पर सात मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ शिकायतें आईं।
सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ की पांच, जीएस मेडिकल कॉलेज हापुड़ की दो, कॅरियर मेडिकल कॉलेज लखनऊ की एक, टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज लखनऊ की चार, हिंद मेडिकल कॉलेज बाराबंकी की 13, मेयो मेडिकल कॉलेज बाराबंकी की तीन, इंद्रप्रस्थ डेंटल कॉलेज गाजियाबाद की चार शिकायतें मिलीं।
हिम्स कॉलेज प्रशासन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा
सोमवार देर शाम छात्रों की तहरीर पर कोतवाली नगर में हिम्स कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ दर्ज किया गया। केस में कॉलेज की चेयरपर्सन डॉक्टर ऋचा मिश्रा, एडमिशन हेड वंदना वैश्य व प्रिंसिपल डॉक्टर जीबी सिंह को नामजद किया गया है। छात्रों का आरोप है कि एमबीबीएस के पहले सेमेस्टर की फीस 8.50 लाख रुपये है। कॉलेज प्रशासन ने 26 जुलाई के शासन के लेटर का हवाला देकर 11.30 लाख रुपये फीस बताई। छात्र जब फीस जमा करने पहुंचे तो 20.80 लाख रुपये मांगे गए।
इनकम टैक्स का छापा
एडिशनल डायरेक्टर इनकम टैक्स इंवेस्टिगेशन प्रमोद कुमार के नेतृत्व में सोमवार की रात 9 बजे हिम्स में छापा मारा गया। एसडीएम सदर एसपी सिंह ने बताया कि छापे में कॉलेज से करीब एक करोड़ की नकदी बरामद हुई है। कॉलेज की फीस ड्राफ्ट से ली जाती है ऐसे में इतनी नगदी जांच का विषय है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी न्‍यूज़ चैनल ”आजतक” के एक स्‍टिंग ऑपरेशन में दाखिले के मथुरा के कृष्‍ण मोहन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने खुलेआम अतिरिक्‍त पैसों की मांग की थी और इसे सिस्‍टम का हिस्‍सा बताया था।
-Legend News