ताजमहल पर Vision Document में कुछ भी गोपनीय नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

ताजहमल संरक्षण पर Vision Document को लेकर केंद्र सरकार ने बताया, हेरिटेज प्लान का ड्राफ्ट तैयार

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि योजना तथा वास्तुकला विद्यालय, दिल्ली द्वारा ताजमहल पर तैयार किये जा रहे Vision Document को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा, ‘इसमें कुछ भी गोपनीय नहीं है।’

योजना तथा वास्तुकला विद्यालय, दिल्ली ने कोर्ट से कहा कि उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में ताजमहल सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए एक दृष्टि पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में है। उसने कहा कि यह दस्तावेज राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।

केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ए एन एस नाडकर्णी ने पीठ से कहा कि ताजमहल के लिए धरोहर योजना के प्रथम प्रारूप को आठ सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा। यह प्रारूप यूनेस्को को सौंपा जाना है।

कोर्ट ने यूपी सरकार से 15 नवम्बर तक विज़न डॉक्युमेंट दायर करने को कहा था,यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह सम्भव नहीं है कि पूरे आगरा को हेरिटेज शहर घोषित किया जा सके। कोर्ट ने कहा था कि कमेटी ताज के पास के उद्योग, हरित क्षेत्र, यमुना के प्रदूषण समेत सभी पहलुओं पर गौर कर रिपोर्ट तैयार करे इस कमेटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया था।

गौरतलब है कि यूपी सरकार ने ताजमहल संरक्षण के लिए बन रहे विजन डॉक्यूमेंट का शुरुआती ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था। ड्राफ्ट विजन डॉक्यूमेंट में कहा गया था कि ताजमहल के आसपास के पूरे इलाके को ‘नो प्लास्टिक जोन’ घोषित किया जाए।

विजन डॉक्यूमेंट ड्राफ्ट कमेटी की अधिकारी और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की मीनाक्षी धोते ने कहा कि विजन डॉक्यूमेन्ट के बारे में ईमेल और कागजों पर सुझाव मिल रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एएसआई से भी इस बावत बातचीत हो रही है, उनके एक्सपर्ट से बात करके सुझाव लिए जा रहे हैं। अगले हफ्ते विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर यूपी सरकार को दे देंगे।

कोर्ट ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट मिलते ही उसे पब्लिक डोमेन में डाल दें। इस मामले पर अगली सुनवाई अगले साल फरवरी में होगी।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »