अमेरिका में वोटों की संख्‍या से नहीं, इस तरह तय होती है जीत

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम आम जनता के कुल वोटों की संख्‍या के आधार पर तय नहीं होता।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में कुछ ही हफ्ते बचे हैं। कोरोना वायरस की महामारी के बीच चुनाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। अभी तक के पोल के मुताबिक डेमोक्रैट उम्मीदवार जो बाइडेन रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप से आगे चल रहे हैं। हालांकि इन पोल्स में यह भी कहा जा रहा है कि पिछली बार हिलरी क्लिंटन आगे चल रही थीं और ऐन मौके पर ट्रंप ने उन्हें मात दे दी।
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत का पैमाना होता क्या है…
ऐसे तय होते हैं नतीजे
अमेरिका के चुनाव का नतीजा लोगों के डाले वोट से ज्यादा इलेक्टोरल कॉलेज के वोट पर निर्भर करता है। हर स्टेट को इलेक्टोरल वोट्स की तय संख्या अलॉट की जाती है। इन्हें इलेक्टर्स की तय करते हैं। वे अपने स्टेट्स के हिसाब से वोट डालते हैं।
क्लिंटन को ज्यादा वोट, फिर भी हारीं
पूरे देश में 538 इलेक्टर्स होते हैं, जो चुनाव के नतीजे तय करते हैं। 2016 के चुनाव में ट्रंप को 306 इलेक्टोरल वोट मिले थे जबकि क्लिंटन को 232। कुल वोटों की बात की जाए तो क्लिंटन को 48.2% वोट मिले थे जो ट्रंप के 46.1% वोट से ज्यादा थे।
भारत से कैसे अलग US चुनाव
भारत में जो चुनाव होते हैं उनके नतीजे सीधे आम लोगों के वोटों से मिले बहुमत पर निर्भर होते हैं। जिसे भी ज्यादा वोट मिलते हैं, भले ही बेहद कम हो, वे अपने राज्य या क्षेत्र में चुनाव जीत जाता है। भारत में पार्टी सिस्टम भी अमेरिका से अलग है। अमेरिका में जहां टू-पार्टी सिस्टम है यानी सिर्फ डेमोक्रैटिक या रिपब्लिक पार्टी के बीच टक्कर होती है, वहीं भारत में बहुपार्टी सिस्टम है।
भारत में बहुमत पर निर्भर नतीजे
भारत में वोटों के आधार पर चुनाव के नतीजे कैसे तय होते हैं, यह 2019 के आम चुनावों से समझा जा सकता है। इन चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 37.6% वोट मिले थे। हालांकि, इनके आधार पर बीजेपी ने सदन में 303 सीटें जीत लीं यानी हर सीट के लिए सीधे आम जनता के वोटों के आधार पर ही बीजेपी को जीत मिली।
21.41 करोड़ रजिस्टर्ड वोटरों के साथ अमेरिका का यह चुनाव होने वाला है लेकिन भारत की तुलना में यह फिर भी काफी कम है। इंस्टिट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस के मुताबिक पिछले साल हुए आम चुनाव में भारत में 91 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर थे। यह संख्या अमेरिका की आबादी का तीन गुना है।
-एजेंसियां

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