शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को अनुमति नहीं, पुलिस ने लौटाए

नई दिल्‍ली। शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की अनुमति नहीं मिली। पुलिस ने आज मार्च कर रहे लोगों को वापस भेज दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित योजना के तहत धरना स्थल से मार्च शुरू कर गृह मंत्री के आवास की ओर बढ़ना शुरू कर दिया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिली थी। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा था कि वे पुलिस से बात करेंगी और अगर अनुमति नहीं मिली तो वे आगे नहीं जाएंगी।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों को लिखे पत्र में नई दिल्ली जिला पुलिस ने कहा कि मार्च दो और जिलों से होकर गुजरेगा और आगे उचित कार्यवाही के लिए पुलिस मुख्यालय को अनुरोध भेज दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि उन्होंने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से केंद्रीय गृह मंत्री के साथ अपनी मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल की जानकारियां देने के लिए कहा था।
पुलिस को लिखित में दिए जवाब में उन्होंने कहा कि 4,000 से 5,000 प्रदर्शनकारी शाह के आवास की ओर मार्च करेंगे।
प्रदर्शनकारी मुख्यत: महिलाएं पिछले दो महीने से संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ धरना दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह की बातचीत की अपील के बाद शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर दबाव है। वैसे प्रदर्शनकारियों का एक धड़ा गृह मंत्री से मिलने का विरोध कर रहा है।
शाहीन बाग: प्रदर्शनकारियों में वार्ता पर उभरे मतभेद
कुछ प्रदर्शनकारियों के मुताबिक आज दोपहर वे गृह मंत्री से मुलाकात करने उनके सरकारी आवास पर पहुंचेंगे। सीएए के मुद्दे पर गृह मंत्री ने पूरे देश को मिलकर चर्चा करने का आमंत्रण दिया है इसलिए वे उनसे मिलने जा रहे हैं।
इस मुलाकात में कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं होगा बल्कि हर वो व्यक्ति होगा, जिसे सीएए पर आपत्ति है। उधर प्रदर्शनकारियों की नजर सोमवार को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी टिकी है।
बातचीत का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के धड़े का कहना है कि आंदोलन सीएए को वापस लेने के लिए शुरू किया गया था। अब सरकार से बातचीत के लिए जाने पर भी इसे वापस लिया जाएगा, ऐसी कोई गारंटी नहीं है।
चुनाव से पहले सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि सरकार इसे वापस लेने के मूड में नहीं है। चुनाव के बाद गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील की है। सिर्फ इसलिए वहां जाना ठीक नहीं है। इस संभावित मुलाकात के मुद्दे पर दोनों धड़ों में तनाव है।
दूसरी ओर, शाहीन बाग का दो महीने से ज्यादा समय से बंद रास्ता खाली कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को सुनवाई है। कुछ लोगों का कहना है कि पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का रुख देखने के बाद पूरी आशंका है कि रास्ता खाली करने का आदेश दिया जा सकता है।
इस सुनवाई के पहले ही प्रदर्शनकारी बीच का रास्ता तलाश रहे हैं। रास्ता खाली करने के पक्ष में फैसला आने की स्थिति में वे आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। उधर, पुलिस भी कोर्ट के रुख पर नजर लगाए है।
-एजेंसियां

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