उत्तर कोरिया ने अमरीका को दी ‘भयानक दर्द’ पहुंचाने की धमकी

संयुक्त राष्ट्र के नए आर्थिक प्रतिबंधों के बाद उत्तर कोरिया ने अमरीका को ‘भयानक दर्द’ पहुंचाने की धमकी दी है.
संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के दूत ने अमरीका पर ‘राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य मुकाबले’ का विकल्प चुनने का आरोप लगाया है.
वहीं अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का कहना है कि उत्तर कोरिया से निबटने के लिए जो किया जा सकता था उसके मुकाबले ये प्रतिबंध कुछ भी नहीं है.
संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंधों का उद्देश्य उत्तर कोरिया के लिए तेल निर्यात रोकना और उसके हथियारों के कार्यक्रम के लिए आमदनी ख़त्म कर देना है.
इसी महीने उत्तर कोरिया ने अपना छठा और अब तक का सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण किया था. ये प्रतिबंध उसी के जवाब में लगाए गए हैं.
उत्तर कोरिया के संयुक्त राष्ट्र में दूत हान ताए सोंग ने इन्हें अवैध कहा है.
जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, “उत्तर कोरिया जो करने जा रहा है, उससे अमरीका को भयानक दर्द होगा जो उसे पहले कभी नहीं हुआ हो.”
संयुक्त राष्ट्र ने सर्वसम्मति से उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध पारित किए हैं.
हालांकि ऐसा तब ही हो सका जब उत्तर कोरिया के सहयोगी देश रूस और चीन के कहने पर अमरीका की ओर से प्रस्तावित बेहद कड़े प्रतिबंधों को कुछ हल्का किया गया.
शुरुआत में उत्तर कोरिया के तेल आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का मसौदा तैयार किया गया था..
कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा करने से उत्तर कोरिया की सरकार अस्थिर हो सकती थी.
साल 2006 से संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया के ख़िलाफ नौ प्रस्तावों को एकमत से मंजूरी दे चुकी है.
हाल के महीनों में उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण किए हैं. ऐसे हथियारों का भी परीक्षण किया गया है जिनकी पहुंच अमरीका तक है.
पिछले दिनों ही उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से एक मिसाइल दागी थी. जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने इसे अभूतपूर्व ख़तरा बताया था.
उत्तर कोरिया ने प्रशांत महासागर स्थित अमरीकी क्षेत्र गुआम पर भी मिसाइल हमले करने की धमकी दी है.
अगस्त में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के विनाश की धमकी दी थी.
-BBC