इमरान खान के लिए अजगर की खाल से चप्‍पलें बना रहे हैं नूरउद्दीन

पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में इमरान ख़ान के लिए मशहूर ज़माना कप्तान चप्पल बनाने वाले नूरउद्दीन चचा इस बार उनके लिए सांप की खाल से ख़ास चप्पल तैयार कर रहे हैं. ये चप्पलें इमरान ख़ान को ईद के तोहफ़े के तौर पर दी जाएंगी.
नूरउद्दीन चचा ने बताया कि इस मर्तबा इमरान ख़ान के एक चाहने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा है कि वो अपने कप्तान को ख़ास क़िस्म का तोहफ़ा देना चाहते हैं. नोमान नाम के इस व्यक्ति ने इसके लिए अमरीका से सांप की खाल भी भिजवाई है.
उनकी ख़्वाहिश है कि इस खाल से इमरान ख़ान के लिए चप्पल तैयार करवाई जाए. नूरउद्दीन चचा ने चप्पलें तैयार करना शुरू कर दिया है. उन्हें उम्मीद है कि ईद से पहले वो ये चप्पलें इमरान ख़ान के तोहफ़े में पेश कर देंगे.
“ये बेहद आरामदेह चप्पलें होंगी जिनमें इमरान ख़ान को गर्मी नहीं लगेगी. वो ये चप्पल पहनकर जितना भी काम कर लें, थकेंगे नहीं. मुझे उम्मीद है कि हमारे कप्तान को ये चप्पल बहुत पसंद आएगी.”
नूरउद्दीन चाचा के बड़े बेटे सलामउद्दीन ने बताया कि इस बार वो जो चप्पल तैयार कर रहे हैं ये उन्होंने और उनके पिता नूरउद्दीन ने ख़ास तौर पर डिज़ाइन की है.
“इस चप्पल का डिज़ाइन बज़ाहिर देखने में आम पेशावरी चप्पल जैसा ही होगा मगर जब उस को पहन जाएगा तो देखने वालों को पता चल जाएगा कि ये बिलकुल अलग है.”
सलामउद्दीन के मुताबिक ये चप्पल बनाने में चार फिट सांप की खाल का इस्तेमाल किया जाएगा.
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को ये चप्पल तोहफ़े में देने के बाद इसका ब्रांड नाम भी रखा जाएगा.
इस चप्पल को बनाने की लागत कम से कम चालीस हज़ार पाकिस्तानी रुपए है.
उनका कहना है कि इससे पहले पाकिस्तान में सांप की खाल से तैयार चप्पल नहीं बनाई गई है.
ये चप्पल पूरी तरह से हाथ से ही बनाई जा रही और इसमें काफ़ी समय भी ख़र्च हो रहा है.
दुनियाभर में सांप की खाल से कई तरह की वस्तुएं तैयार की जाती हैं जिन्हें शौकीन लोग इस्तेमाल करते हैं.
वहीं जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समूह इस तरह की वस्तुओं का विरोध करते रहे हैं.
अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में अजगर की खाल से बनी वस्तुओं की क़ीमत हज़ारों डॉलर तक में होती है.
पाकिस्तान में अजगर को लेकर क्या है क़ानून?
विशेषज्ञों के मुताबिक ये चप्पलें अजगर की खाल से बनाई जा रही हैं क्योंकि छोटे सांप की खाल किसी काम में इस्तेमाल नहीं हो सकती है. इसलिए बड़े सांप की खाल इस्तेमाल की जाती है जिसमें अजगर भी शामिल है.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ बाग़, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के पशु विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर ने सांप की खाल की तस्वीरें देखने के बाद बीबीसी को बताया कि ये अजगर की खाल है.
उनके मुताबिक पाकिस्तान में अजगर लगभग विलुप्त हो गए हैं या उनकी तादाद बेहद कम हो गई है.
पाकिस्तान में इस समय सिर्फ़ कश्मीर के भम्बर ज़िले में ही अजगर मौजूद हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान में अजगर की संख्या कम होने की वजह ग़ैर क़ानूनी व्यापार और वातावरण से जुड़ी वजहें शामिल हैं.
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी भी अजगर की तस्करी और उसकी खाल की बिक्री के मामले सामने आते रहते हैं. हाल के दिनों में इस्लामाबाद वाइल्ड लाइफ़ मैनेजमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने कम से कम दो अजगरों की खाल बरामद की है.
अधिकारियों के मुताबिक इन खालों कि विदेशों में तस्करी करने की कोशिश की जा रही थी. पाकिस्तान में बलूचिस्तान के अलावा पूरे देश में अजगर को सुरक्षित प्रजाति का दर्जा हासिल है.
इसे बेचने या ख़रीदने पर पाबंदी है.
अंतर्राष्ट्रीय संगठन कन्वेंशन ऑफ़ इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड स्पीसीज़, जिसका पाकिस्तान भी सदस्य है, ने दुनियाभर में अजगर के ख़रीदने बेचने पर रोक लगा रखी है. इसकी खाल वगैरह हासिल करने के लिए इस संगठन से ख़ास अनुमति हासिल करना अनिवार्य है जो बेहद ख़ास हालात में ही जारी की जाती है.
-BBC

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